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चोरी वाला या क्लोन किया स्मार्टफोन खरीदने से कैसे बचें? सरकार ने दी सलाह
नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले उसकी जांच करना जरूरी है

चोरी वाला या क्लोन किया स्मार्टफोन खरीदने से कैसे बचें? सरकार ने दी सलाह

Mar 22, 2026
10:31 am

क्या है खबर?

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक सलाह जारी की है। इस चेतावनी में सत्यापन के बिना चोरी किए, क्लोन किए या अवैध डिवाइसेज को खरीदने के जोखिमों पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही यह भी बताया कि खरीदारी से पहले यूजर्स को किन चरणों का पालन करना चाहिए। बुनियादी जांच न करने से अनजाने में चोरी का या नकली फोन खरीदने का जोखिम हो सकता है।

नुकसान 

बिना जांच के फोन खरीदने के क्या हो सकते हैं नुकसान?

एक्स पर शेयर की गई सलाह के अनुसार, खरीदार अक्सर डिवाइस सत्यापन को नजरअंदाज करते हुए केवल सुविधाओं और कीमत पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जांच नहीं करने पर चोरी का या नकली फोन खरीदने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे डिवाइस बाद में काम करना बंद कर सकते हैं, नेटवर्क द्वारा ब्लॉक किए जा सकते हैं या कानूनी जटिलताओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए, खरीदारी के दौरान सत्यापन एक आवश्यक कदम है।

तरीका 

इस तरह से कर सकते हैं फोन की जांच 

सलाह में कहा गया है कि पहला कदम फोन के बॉक्स पर लिखे IMEI नंबर को डिवाइस पर प्रदर्शित नंबर से मिलाना है। किसी भी प्रकार का बेमेल होना छेड़छाड़ या क्लोन किए गए डिवाइस का संकेत हो सकता है। यूजर फोन पर *#06# डायल करके IMEI नंबर पता कर सकते हैं। यह नंबर बॉक्स और इनवॉइस पर लिखे नंबर से मेल खाना चाहिए। आधिकारिक सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल पर इसकी पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।

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सलाह 

खरीदारों को दी गई है यह सलाह

इस प्रक्रिया में IMEI नंबर दर्ज करना, कैप्चा सत्यापन पूरा करना और OTP के माध्यम से पुष्टि करना शामिल है। सत्यापन हो जाने के बाद यूजर यह पुष्टि कर सकते हैं कि डिवाइस असली है या चोरी का है। सलाह में यह भी बताया गया है कि अतिरिक्त सत्यापन के लिए imei.info और स्वप्पा जैसे थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकता है। स्मार्टफोन खरीदने वालों को केवल अधिकृत विक्रेताओं या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही खरीदना चाहिए।

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