गूगल ने लॉन्च किए दो नए AI मॉडल, 130 भाषाओं में बना सकेंगे आवाज
क्या है खबर?
गूगल ने अपने क्लाउड प्लेटफॉर्म पर टेक्स्ट को आवाज में बदलने वाले दो नए AI मॉडल जेमिनी 3.8 फ्लैश TTS और जेमिनी 3.8 फ्लैश-लाइट TTS पेश किए हैं। दोनों मॉडल का इस्तेमाल लिखे हुए टेक्स्ट को आवाज में बदलने के लिए किया जा सकता है। कंपनी ने इन्हें अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से तैयार किया है। फ्लैश-लाइट TTS को कम खर्च और तेज काम के लिए बनाया गया है, जबकि फ्लैश TTS बेहतर आवाज देने पर ध्यान देता है।
भाषा
130 भाषाओं तक का सपोर्ट
दोनों मॉडल में 2,000 से ज्यादा पहले से तैयार आवाजों का विकल्प मिलता है।
डेवलपर्स अपनी जरूरत के हिसाब से नई आवाज भी बना सकते हैं। इसमें आवाज का टोन, एक्सेंट और बोलने की गति बदली जा सकती है। 30 सेकंड के ऑडियो से भी नई आवाज तैयार की जा सकती है।
गूगल के मुताबिक, फ्लैश TTS 130 भाषाओं में और फ्लैश-लाइट TTS 101 भाषाओं में आवाज बना सकता है। इससे अलग-अलग देशों के यूजर्स को फायदा होगा।
बदलाव
आवाज में कर सकेंगे बदलाव
इन मॉडल की मदद से आवाज को जरूरत के हिसाब से बदलना भी संभव है।
डेवलपर्स यह तय कर सकते हैं कि कोई लाइन किस तरह और कितनी तेजी से बोली जाए। गूगल AI से बनाई गई आवाज में खास वॉटरमार्क भी जोड़ता है। इसे इंसान सुन नहीं सकते, लेकिन कुछ AI पहचानने वाले टूल इसे पहचान सकते हैं।
कंपनी ऑडियो के साथ एक रिकॉर्ड भी देती है, जिससे पता लगाया जा सकता है कि फाइल कब बनाई गई थी।
उपलब्धता
गूगल क्लाउड पर उपलब्ध
जेमिनी 3.8 फ्लैश TTS और जेमिनी 3.8 फ्लैश-लाइट TTS गूगल क्लाउड पर डेवलपर्स के लिए उपलब्ध हैं।
इनका इस्तेमाल ऑडियोबुक, वॉयस एजेंट और दूसरे ऐप बनाने में किया जा सकता है। गूगल के मुताबिक, दोनों मॉडल की आवाज की गुणवत्ता को अलग-अलग परीक्षणों में जांचा गया है।
फ्लैश TTS को बेहतर आवाज के लिए और फ्लैश-लाइट TTS को कम खर्च में तेज काम के लिए तैयार किया गया है। दोनों की कीमत अलग-अलग हो सकती है।