ऐपल इंटेलिजेंस के कई AI फीचर्स में गूगल और एनवीडिया की बड़ी भूमिका
क्या है खबर?
WWDC 2026 इवेंट में ऐपल ने अपने नए AI प्लेटफॉर्म ऐपल इंटेलिजेंस से जुड़े कई बड़े फीचर्स पेश किए। इस दौरान कंपनी ने खुलासा किया कि उसके कुछ सबसे उन्नत AI फीचर्स को चलाने में गूगल और एनवीडिया की तकनीक का भी इस्तेमाल हो रहा है। कंपनी ने नया सिरी AI, इमेज जनरेशन टूल और क्लाउड आधारित इंटेलिजेंस सिस्टम पेश किया। ऐपल का कहना है कि फीचर्स को बेहतर प्रदर्शन और सुरक्षित अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है।
तकनीक
गूगल की AI तकनीक से मिलेगा सपोर्ट
ऐपल ने बताया कि उसने गूगल के साथ मिलकर अपने नए AI मॉडल तैयार किए हैं। कंपनी के अनुसार, ऐपल इंटेलिजेंस के कुछ फीचर्स गूगल के जेमिनी परिवार की तकनीक पर आधारित हैं। इनकी मदद से नया सिरी AI अधिक स्वाभाविक बातचीत कर सकेगा, स्क्रीन पर मौजूद जानकारी को समझ पाएगा और अलग-अलग ऐप्स में कई काम कर सकेगा। इससे यूजर्स को पहले की तुलना में अधिक स्मार्ट और बेहतर AI अनुभव मिलने की उम्मीद है।
प्रोसेसर
एनवीडिया प्रोसेसर संभालेंगे भारी AI काम
कंपनी के सबसे उन्नत क्लाउड AI मॉडल गूगल के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में लगे एनवीडिया GPU पर चलते हैं। जब किसी काम के लिए अधिक कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है, तब सिस्टम उसे क्लाउड पर भेजता है। ऐपल का कहना है कि इससे जटिल AI कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे। कंपनी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान यूजर्स की निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी और डाटा को स्टोर नहीं किया जाएगा।
फायदा
हर ऐपल डिवाइस को नहीं मिलेगा पूरा फायदा
ऐपल ने साफ किया है कि उसके सभी नए AI फीचर्स हर डिवाइस पर उपलब्ध नहीं होंगे। ऐपल इंटेलिजेंस का पूरा लाभ केवल नए और शक्तिशाली डिवाइसों को मिलेगा। कंपनी के अनुसार, कई उन्नत फीचर्स के लिए कम से कम 12GB रैम की जरूरत होगी। आईफोन 17 प्रो, आईफोन एयर, M4 चिप वाले आईपैड और M3 चिप वाले मैक को सबसे अधिक AI सुविधाएं मिलेंगी, जबकि पुराने डिवाइस कुछ फीचर्स से वंचित रह सकते हैं।