फोन पर आता है साइलेंट कॉल? AI से ठगी कर रहें जालसाज, जानिए कैसे रहें सुरक्षित
क्या है खबर?
देश में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जालसाज अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग करके लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। हाल के समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां जालसाज AI के जरिए किए जाने वाले साइलेंट कॉल का उपयोग कर रहे हैं। इन कॉल्स में सामने वाला कुछ नहीं बोलता, जिससे लोगों को यह सामान्य कॉल लगती है, लेकिन इसके पीछे ठगी की बड़ी साजिश छिपी होती है।
ठगी
कैसे काम करता है साइलेंट कॉल स्कैम?
इस तरह के स्कैम में जालसाज अनजान नंबर से कॉल करते हैं और खुद चुप रहते हैं। जैसे ही व्यक्ति 'हैलो' बोलता है, उसकी आवाज रिकॉर्ड कर ली जाती है। इसके बाद AI की मदद से उस आवाज को कॉपी या क्लोन किया जा सकता है। इतना ही नहीं, जालसाज आपकी बोलने की शैली, आत्मविश्वास और प्रतिक्रिया के तरीके को भी समझते हैं, जिससे आगे चलकर ज्यादा सटीक और खतरनाक ठगी की योजना बनाई जाती है।
खतरा
किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा?
यह स्कैम किसी के साथ भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोग ज्यादा जोखिम में होते हैं। बुजुर्ग लोग अक्सर कॉल पर ज्यादा समय तक रुके रहते हैं, जिससे उनका डाटा आसानी से रिकॉर्ड हो जाता है। माता-पिता भी इमरजेंसी जैसी स्थिति में जल्दी प्रतिक्रिया दे देते हैं। वहीं, प्रोफेशनल और बिजनेस से जुड़े लोग अक्सर जरूरी समझकर अनजान कॉल उठा लेते हैं, जिससे वे भी इस तरह की ठगी का शिकार बन सकते हैं।
सुरक्षा
कैसे रहें सुरक्षित और सतर्क?
अगर आपको साइलेंट कॉल आती है, तो सबसे सुरक्षित तरीका है कि पहले खुद कुछ न बोलें। 'हैलो' कहने या बातचीत शुरू करने से बचें। कॉल को कुछ सेकंड तक बिना जवाब दिए रहने दें या सीधे काट दें। इसके साथ ही, बैकग्राउंड में शोर रखने से रिकॉर्डिंग बेकार हो सकती है। हमेशा अनजान नंबरों से सावधान रहें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें, इससे आप इस तरह की ठगी से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।