एलन मस्क की स्पेस-X ने स्टारशिप की 15वीं उड़ान से पहले किया बड़ा परीक्षण
क्या है खबर?
एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेस-X ने स्टारशिप की 15वीं उड़ान से पहले एक महत्वपूर्ण परीक्षण पूरा कर लिया है। कंपनी ने 25 अक्टूबर को टेक्सास स्थित स्टारबेस में सुपर हेवी बूस्टर के सभी 33 रैप्टर इंजनों का एक साथ परीक्षण किया। इस दौरान सभी इंजन करीब 15 से 16 सेकंड तक चालू रहे। इस परीक्षण के बाद कंपनी नवंबर में स्टारशिप की अगली उड़ान की तैयारी में जुटी है।
परीक्षण
सुपर हेवी बूस्टर के सभी 33 इंजन एक साथ चालू किए
इस परीक्षण में सुपर हेवी बूस्टर-22 का इस्तेमाल किया गया।
इसे स्टारशिप के ऊपरी हिस्से शिप-42 के साथ अगली उड़ान में भेजे जाने की उम्मीद है। परीक्षण के दौरान रॉकेट को लॉन्च पैड पर मजबूती से बांधकर रखा गया था। इस प्रक्रिया को स्टैटिक फायर टेस्ट कहा जाता है।
इसके जरिए इंजीनियर इंजन के कामकाज और रॉकेट के दूसरे जरूरी सिस्टम की जांच करते हैं। इससे उड़ान से पहले तकनीकी गड़बड़ियों का पता लगाने में भी मदद मिलती है।
जांच
अगली उड़ान से पहले शिप-42 की जांच बाकी
सुपर हेवी बूस्टर स्टारशिप को उड़ान के शुरुआती चरण में जरूरी ताकत देता है। इसके बाद यह रॉकेट के ऊपरी हिस्से से अलग हो जाता है।
स्पेस-X की योजना बूस्टर को वापस लॉन्च साइट पर लाने और लॉन्च टावर की यांत्रिक भुजाओं से पकड़ने की है। इससे बूस्टर को सुरक्षित उतारकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा।
हालांकि, अगली उड़ान से पहले शिप-42 के इंजन का परीक्षण और उसकी बाकी जरूरी जांच पूरी करना भी अहम होगा।
तैयारी
दोनों हिस्सों को दोबारा इस्तेमाल करने की तैयारी
स्पेस-X स्टारशिप के दोनों हिस्सों को वापस लाकर दोबारा इस्तेमाल करने की तकनीक विकसित कर रही है।
कंपनी का मानना है कि इससे अंतरिक्ष यात्राओं का खर्च कम करने में मदद मिल सकती है। स्पेस-X पहले ही सुपर हेवी बूस्टर को लॉन्च टावर की भुजाओं से पकड़ने में सफलता हासिल कर चुकी है।
हालांकि, स्टारशिप के ऊपरी हिस्से को अभी तक वापस लॉन्च साइट पर लाकर पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।