डिजिटल अरेस्ट स्कैम से 4 साल में 4,057 करोड़ रुपये की ठगी, लाखों लोग बने शिकार
क्या है खबर?
देशभर में डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2022 से मई, 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख मामले दर्ज हुए हैं। साइबर एजेंसियां लगातार लोगों को सतर्क रहने और ऐसे कॉल पर भरोसा नहीं करने की सलाह दे रही हैं।
ठगी
चार साल में 4,057 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2022 से मई, 2026 के बीच डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़ी 2.97 लाख शिकायतें दर्ज हुईं और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। शिकायतों की संख्या 2022 में 39,925 थी, जो 2024 में बढ़कर 1.23 लाख हो गई। सिर्फ 2024 में ही ठगी से 1,935.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, 2026 के पहले पांच महीनों में 15,215 शिकायतें दर्ज हुईं और 481.1 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई।
मामले
बुजुर्ग सबसे ज्यादा बन रहे निशाना
साइबर अपराधी इस तरह की ठगी से खास तौर पर बुजुर्ग लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में दिल्ली के एक बुजुर्ग NRI डॉक्टर दंपति से 14.84 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा आरोप लगाकर कई दिनों तक दबाव बनाया। डर के कारण पीड़ितों ने अपनी जमा पूंजी अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी।
तरीका
कैसे ठगी करते हैं जालसाज?
गोवा समेत कई राज्यों में भी डिजिटल अरेस्ट के ऐसे कई मामले सामने आए हैं। ठग कभी बैंक कर्मचारी, कभी पुलिस अधिकारी तो कभी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर कॉल करते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल, फर्जी दस्तावेज और धमकियों के जरिए लोगों को मानसिक दबाव में रखा जाता है। कई मामलों में आधार, बैंक खाता या पार्सल का बहाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर ली गई और लोगों को लंबे समय तक डराया गया।
कानून
डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं
साइबर अपराध से जुड़ी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भारत में डिजिटल अरेस्ट नाम का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। अगर कोई भी व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, CBI, ED या RBI का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो वह धोखेबाज है। ऐसे मामलों में तुरंत कॉल काटें, कोई रकम ट्रांसफर न करें और 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
बचाव
कैसे रहें डिजिटल अरेस्ट ठगी से सुरक्षित?
डिजिटल अरेस्ट ठगी से सुरक्षित रहने के लिए किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज पर घबराकर फैसला न लें। अगर कोई खुद को पुलिस, CBI, ED, RBI या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे ट्रांसफर करने या बैंक की जानकारी मांगता है, तो तुरंत कॉल काट दें। किसी भी लिंक पर क्लिक न करें, OTP या बैंक विवरण साझा न करें और संदेह होने पर 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।