चीन में बड़ा साइबर हमला, सुपरकंप्यूटर हैक कर हैकर्स ने चुराईं गोपनीय फाइलें
क्या है खबर?
चीन से एक बड़ी साइबर घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर एक हैकर ने सरकारी सुपरकंप्यूटर में सेंध लगाकर भारी मात्रा में डाटा चुरा लिया है। रिपोर्ट के अनुसार यह डाटा तियानजिन के नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर से लिया गया है। दावा है कि इसमें रक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज, मिसाइल डिजाइन और वैज्ञानिक जानकारी शामिल है। इसे अब तक की सबसे बड़ी डाटा चोरी माना जा रहा है, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चोरी
कितना डाला हुआ चोरी?
बताया जा रहा है कि चोरी किया गया डाटा 10 पेटाबाइट से भी ज्यादा है, जो बेहद बड़ी मात्रा मानी जाती है। हैकर ने इसका एक छोटा हिस्सा ऑनलाइन दिखाया और दावा किया कि बाकी डेटा बेचने के लिए उपलब्ध है। शुरुआती एक्सेस के लिए हजारों डॉलर और पूरे डाटा के लिए लाखों डॉलर मांगे जा रहे हैं। भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में मांगा गया है, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है और खतरा बढ़ जाता है।
हमला
कैसे हुआ हमला?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, हमलावर ने एक कमजोर नेटवर्क के जरिए सिस्टम में प्रवेश किया। इसके बाद उसने बॉटनेट नाम का प्रोग्राम इस्तेमाल किया, जिससे अलग-अलग सर्वर से धीरे-धीरे डाटा निकाला गया। यह प्रक्रिया करीब छह महीने तक चली और सिस्टम को इसका पता नहीं चला। इस तरीके से छोटे-छोटे हिस्सों में डाटा निकालकर अलर्ट से बचा गया, जिससे इतनी बड़ी चोरी संभव हो पाई और सुरक्षा में बड़ी कमी सामने आई।
सवाल
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने चीन के साइबर सुरक्षा सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी चोरी से देश की तकनीकी और रक्षा जानकारी खतरे में पड़ सकती है। पहले भी चीन में बड़े डाटा लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे कमजोर सुरक्षा की चिंता बढ़ी है। सरकार अब सुरक्षा सुधारने पर जोर दे रही है, लेकिन इस घटना ने वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है।