मेटा के स्मार्ट ग्लास के खिलाफ बर्लिन में आपराधिक शिकायत, जानें क्या है मामला
क्या है खबर?
मेटा के स्मार्ट ग्लास के खिलाफ बर्लिन में आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। एक गैर-लाभकारी संस्था हेटएड ने आरोप लगाया है कि इन चश्मों की बिक्री जर्मनी के सख्त निजता नियमों का उल्लंघन करती है। संस्था का कहना है कि स्मार्ट ग्लास पहनने वाला व्यक्ति आसपास के लोगों की जानकारी या सहमति के बिना उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसी वजह से संस्था ने जर्मनी में इनकी बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
मामला
क्या है पूरा मामला?
हेटएड का आरोप है कि मेटा के स्मार्ट ग्लास लोगों को चुपचाप रिकॉर्डिंग करने की सुविधा देते हैं।
संस्था ने मेटा के साथ रे-बैन और ओकले के खिलाफ भी शिकायत की है, क्योंकि दोनों ब्रांड इन चश्मों को तैयार करने में साझेदार हैं। शिकायत में कुछ खुदरा विक्रेताओं को भी शामिल किया गया है।
संस्था के मुताबिक, बिक्री जर्मनी के दूरसंचार, डिजिटल सेवाओं और डाटा सुरक्षा से जुड़े कानूनों का उल्लंघन कर सकती है।
प्राइवेसी
मेटा ने प्राइवेसी सुरक्षा का दिया हवाला
मेटा के प्रवक्ता मैथ्यू पोलार्ड ने आरोपों को लेकर कहा कि स्मार्ट ग्लास को जर्मनी के नियामक बीनेट्जए ने 2022 में मंजूरी दी थी।
कंपनी के मुताबिक, चश्मे को शुरुआत से ही निजता सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इनमें रिकॉर्डिंग के दौरान एक LED लाइट जलती है, जिससे आसपास मौजूद लोगों को संकेत मिलता है।
मेटा ने यह भी कहा कि चश्मे में ऐसी तकनीक मौजूद है, जो रिकॉर्डिंग वाली लाइट से छेड़छाड़ रोकती है।
यूरोप
यूरोप में भी स्मार्ट ग्लास पर नजर
हेटएड ने मांग की है कि स्मार्ट ग्लास तभी बेचे जाएं, जब उनकी पहचान स्पष्ट रूप से हो सके।
संस्था कुछ जगहों पर रिकॉर्डिंग पर सीमाएं लगाने की भी मांग कर रही है। उसका कहना है कि इसके लिए डैशकैम और बॉडीकैम जैसे उपकरणों से जुड़े नियमों को आधार बनाया जा सकता है।
यूरोप के निजता नियामकों ने स्मार्ट ग्लास को लेकर एक रिपोर्ट तैयार कराने का फैसला किया है। रिपोर्ट को इस गर्मी में अंतिम रूप दिया जाना है।