इस महीने सूर्य के करीब पहुंचेगा धूमकेतु MAPS, भारत में कब देख सकेंगे इसे?
क्या है खबर?
खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह महीना काफी खास है। एक नया सनग्रेजिंग धूमकेतु C/2026 A1 (MAPS) इन दिनों वैज्ञानिकों और आसमान देखने वालों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह धूमकेतु 4 अप्रैल, 2026 को सूरज के बहुत करीब से गुजरने वाला है। कई लोग इसे 'साल का धूमकेतु' भी बता रहे हैं। अगर यह सुरक्षित बच गया, तो भारत में भी इसे देखने का मौका मिल सकता है।
धूमकेतु
क्या है सनग्रेजिंग धूमकेतु और कैसे दिखता है?
धूमकेतु MAPS एक सनग्रेजिंग धूमकेतु है, यानी यह सूरज के बहुत पास से गुजरता है। जब यह सूरज के करीब आता है, तो इसमें मौजूद बर्फ, गैस और धूल तेज गर्मी से भाप बनकर चमकने लगती हैं। इससे इसके चारों तरफ चमकदार कोमा और लंबी पूंछ बनती है। यही वजह है कि ऐसे धूमकेतु कभी-कभी बिना टेलिस्कोप के भी दिखाई दे जाते हैं और आसमान में एक खास चमकदार दृश्य बनाते हैं।
भारत
भारत में कब और कैसे दिखाई दे सकता है धूमकेतु?
अगर यह धूमकेतु सूरज के करीब से गुजरने के बाद बच जाता है, तो भारत में इसे देखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 5 से 10 अप्रैल के बीच सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में इसे देखने का मौका मिल सकता है। साफ आसमान और शहर की रोशनी से दूर जगह पर इसे देखना आसान होगा। खासकर उत्तर और पश्चिम भारत में रहने वालों के लिए इसे देखने की संभावना थोड़ी ज्यादा बताई जा रही है।
नासा
कैसे ट्रैक कर रही है नासा और अन्य एजेंसियां?
सूर्य के करीब से गुजरने वाले धूमकेतु MAPS को ट्रैक करने के लिए नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां खास उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं। इसमें SOHO जैसे सोलर ऑब्जर्वेटरी शामिल हैं, जो सूरज के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। खास कैमरों की मदद से सूरज की चमक को हटाकर धूमकेतु को साफ देखा जाता है, जिससे वैज्ञानिक इसकी गति और स्थिति का सही अंदाजा लगा पा रहे हैं।