अब पुराने वीडियो गेम की नकल नहीं बना सकेगा क्लॉड AI, एंथ्रोपिक ने बदला नियम
क्या है खबर?
एंथ्रोपिक ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट क्लॉड के नियमों में बदलाव किया है। अब यूजर इससे किसी मौजूदा वीडियो गेम की हूबहू नकल तैयार नहीं कर सकेंगे। कंपनी ने कोड में नए निर्देश जोड़कर साफ किया है कि क्लॉड से नए गेम बनाए जा सकते हैं, लेकिन किसी पहले से मौजूद गेम की नकल नहीं बनाई जा सकती। गेम का नाम बदल देने या उसे नया बताने पर भी यह रोक लागू रहेगी।
छूट
खुद के डिजाइन से गेम बनाने की रहेगी छूट
नए नियमों के मुताबिक, यूजर क्लॉड की मदद से बिल्कुल नए गेम तैयार कर सकते हैं। किसी गेम की शैली से प्रेरित होकर दूसरा गेम बनाना भी जारी रहेगा।
इसके अलावा, यूजर अपने बनाए डिजाइन और दूसरे कंटेंट का इस्तेमाल करके गेम तैयार कर सकेंगे। एंथ्रोपिक के तकनीकी कर्मचारी एडी ओसमानी ने भी इन बदलावों की पुष्टि की है।
उनके मुताबिक, कंपनी नहीं चाहती कि क्लॉड का इस्तेमाल किसी दूसरे के गेम की नकल बनाने के लिए किया जाए।
खतरा
गेम की नकल से कॉपीराइट का खतरा
कंपनी का मानना है कि किसी दूसरे के बनाए गेम को दोबारा तैयार करना उसके बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
हाल के दिनों में क्लॉड की मदद से हेलो: कॉम्बैट इवॉल्व्ड, कॉल ऑफ ड्यूटी: मॉडर्न वारफेयर 2 और ग्रैंड थेफ्ट ऑटो 5 जैसे चर्चित गेम के प्रशंसकों ने अपने प्रोजेक्ट तैयार किए थे।
अब नए नियमों के बाद ऐसे प्रोजेक्ट बनाना मुश्किल होगा, जिनमें किसी खास गेम की सीधी नकल की जाती है।
अन्य
कॉपीराइट विवादों में पहले भी घिर चुकी है कंपनी
एंथ्रोपिक पहले भी कॉपीराइट से जुड़े मामलों को लेकर विवादों में रही है।
पिछले साल कंपनी 1.5 अरब डॉलर के समझौते पर राजी हुई थी। इस मामले में करीब 5 लाख लेखकों ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने अपने AI मॉडल को तैयार करने के लिए उनकी कॉपीराइट वाली किताबों का इस्तेमाल किया।
हाल ही में एल्विस प्रेस्ली की संपत्ति से जुड़े लोगों ने भी इसी तरह के आरोपों को लेकर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।