चीनी AI मॉडल GLM-5.2 ने साइबर सुरक्षा में बढ़ाई अमेरिकी कंपनियों की चुनौती
क्या है खबर?
चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप झिपु AI ने अपना नया AI मॉडल GLM-5.2 लॉन्च किया है, जिसने साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कई परीक्षणों में शानदार प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मॉडल ने कुछ मामलों में एंथ्रोपिक के क्लाउड ओपस और मिथोस मॉडल की बराबरी की है। वहीं, कुछ एजेंटिक टूल-यूज टेस्ट में इसने OpenAI के GPT-5.5 से भी बेहतर प्रदर्शन किया। इससे AI क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
क्षमता
साइबर सिक्योरिटी में दिखी मजबूत क्षमता
रिपोर्ट के मुताबिक, GLM-5.2 एक ओपन-वेट AI मॉडल है, जिसे डेवलपर अपने सिस्टम पर डाउनलोड, संशोधित और इस्तेमाल कर सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी सेमग्रेप के परीक्षण में इसने कई सॉफ्टवेयर कमजोरियों की पहचान करने वाले बेंचमार्क में शानदार प्रदर्शन किया। अतिरिक्त प्रॉम्प्टिंग के बाद यह मॉडल एंथ्रोपिक के सबसे उन्नत AI मॉडल के बराबर बग खोजने में भी सफल रहा है। इससे इसकी तकनीकी क्षमता और उपयोगिता सामने आई है।
सुरक्षा
AI सुरक्षा के लिए भी फायदेमंद
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे AI मॉडल साइबर हमलों से पहले सॉफ्टवेयर की कमजोरियां खोजने और उन्हें ठीक करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, ओपन-वेट होने की वजह से गलत इरादे वाले लोग भी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। इसलिए सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शक्तिशाली AI मॉडल के इस्तेमाल के साथ मजबूत निगरानी और सुरक्षा उपाय भी जरूरी हैं। यही वजह है कि इस मॉडल पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
दबाव
अमेरिकी कंपनियों पर बढ़ सकता है दबाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि कम लागत वाले AI मॉडल की बढ़ती मांग के बीच कई कंपनियां नए विकल्प तलाश रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां भी अपने प्लेटफॉर्म पर चीनी AI मॉडल को सपोर्ट देने की संभावना पर विचार कर रही हैं। हालांकि, OpenAI और एंथ्रोपिक अभी कई क्षेत्रों में आगे हैं, लेकिन GLM-5.2 की सफलता से साफ है कि चीन की AI कंपनियां तेजी से अंतर कम कर रही हैं।