चीन के खुफिया प्रमुख ने AI से जुड़े खतरों को लेकर दी चेतावनी, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
चीन के शीर्ष खूफिया प्रमुख ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तेजी से हो रही तरक्की राजनीतिक स्थिरता और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खतरा बन सकती है। वहां के राज्य सुरक्षा मंत्री चेन यिक्सिन ने एक लेख में लिखा कि दुश्मन AI का गलत इस्तेमाल करके चीन की राजनीतिक, संस्थागत और वैचारिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा पैदा कर सकते हैं। यह लेख देश की सरकारी पत्रिका चाइना साइबरस्पेस में प्रकाशित हुआ है।
चिंता
बीजिंग AI को लेकर क्यों हैं चिंतित?
चेन ने लेख में चेतावनी दी है कि AI आधारित वेब क्रॉलर, डाटा माइनिंग और प्रोफाइलिंग सिस्टम विदेशी खुफिया एजेंसियों की संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने की क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
बीजिंग को चिंता है कि विरोधी ताकतें डीपफेक, AI से बने टेक्स्ट, इमेज और सोशल मीडिया बॉट्स का इस्तेमाल करके जनमत को प्रभावित करने करने वाली जंग छेड़ रही हैं।
इनका इस्तेमाल राजनीतिक अफवाहें गढ़ने, नुकसानदेह जानकारी फैलाने और समाज में फूट डालने के लिए किया जा सकता है।
समर्थन
AI की रफ्तार पर लगाम की उठी मांग
यह लेख OpenAI और एंथ्रोपिक के प्रमुखों की ओर से इस तकनीक के तेजी से विस्तार में संयम बरतने और सुरक्षा के और उपाय करने की अपील करने के बाद आया है।
AI के जोखिम को देखते हुए और सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने के लिए ChatGPT इस साल अपना आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) भी नहीं ला रही।
दूसरी तरफ, एंथ्रोपिक ने AI विकास की रफ्तार धीमी करने और सुरक्षा के लिए थर्ड-पार्टी से निगरानी कराने की पैरवी की है।