चीन ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे बड़ा ओपन AI मॉडल किमी K3, जानिए खासियत
क्या है खबर?
चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप मूनशॉट ने अपना नया AI मॉडल किमि K3 लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह 2.8 लाख करोड़ पैरामीटर वाला दुनिया का सबसे बड़ा ओपन-वेट AI मॉडल है। कंपनी के अनुसार, यह पहले के मॉडल की तुलना में अधिक ताकतवर है और कई मामलों में अमेरिका के बड़े AI मॉडल के बराबर प्रदर्शन कर सकता है। इसे शोध, कोडिंग और दूसरे जटिल कामों के लिए तैयार किया गया है।
खासियत
लोकल डिवाइस पर भी चलाया जा सकेगा
किमी K3 एक ओपन-वेट AI मॉडल है। इसका मतलब है कि इसे डाउनलोड करके अपने कंप्यूटर या दूसरे डिवाइस पर भी चलाया जा सकता है।
इसके लिए हमेशा क्लाउड सेवा पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। इससे इसका इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम खर्च में किया जा सकेगा।
कंपनी का कहना है कि यह मॉडल लंबी बातचीत, मल्टीमीडिया काम और कठिन सवालों को बेहतर तरीके से संभालने में सक्षम है और कई तरह के काम आसानी से कर सकता है।
मॉडल्स
दूसरे बड़े AI मॉडल से कैसे अलग है?
कंपनी के मुताबिक, किमी K3 का प्रदर्शन क्लाउड, ChatGPT और फेबल जैसे कई बड़े AI मॉडल के करीब पहुंच गया है।
कुछ परीक्षणों में इसे उनसे बेहतर भी बताया गया है। वहीं, यह डीपसीक V4-प्रो और लॉन्गकैट-2.0 जैसे बड़े चीनी मॉडल से भी ज्यादा पैरामीटर वाला मॉडल है।
हालांकि, अलग-अलग संस्थाओं के परीक्षणों में इसके नतीजे समय के साथ और स्पष्ट होंगे, जिससे इसकी वास्तविक क्षमता सामने आएगी।
दावा
प्रदर्शन को लेकर किए बड़े दावे
कंपनी ने दावा किया है कि किमी K3 ने कई AI परीक्षणों में शानदार प्रदर्शन किया है और कुछ मामलों में बड़े अमेरिकी मॉडल के बराबर या उनसे बेहतर नतीजे दिए हैं।
दूसरी संस्थाओं की शुरुआती जांच में भी इस मॉडल को मजबूत प्रदर्शन करने वाला बताया गया है। हालांकि, यह दावा अभी कंपनी और शुरुआती मूल्यांकन पर आधारित है।
आने वाले समय में इसके प्रदर्शन की और स्वतंत्र जांच भी होगी, जिसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
ताकत
चीनी AI कंपनियों की बढ़ रही ताकत
किमी K3 की लॉन्चिंग को चीन की AI कंपनियों के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
हाल के महीनों में कई चीनी कंपनियां लगातार नए और अधिक ताकतवर AI मॉडल पेश कर रही हैं। इससे अमेरिका और चीन के बीच AI तकनीक की प्रतिस्पर्धा और तेज होती दिखाई दे रही है।
माना जा रहा है कि कम लागत वाले इन मॉडलों की वजह से दुनियाभर की कई कंपनियां भी इन्हें तेजी से अपनाने पर विचार कर रही हैं।