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चीन ने मछलियों की निगरानी के लिए लगाया AI सिस्टम, 95 प्रतिशत सटीकता से करेगा पहचान
चीन ने मछलियों की निगरानी के लिए लगाया AI सिस्टम

चीन ने मछलियों की निगरानी के लिए लगाया AI सिस्टम, 95 प्रतिशत सटीकता से करेगा पहचान

Aug 10, 2026
02:00 pm

क्या है खबर?

चीन तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर बने एक बांध के फिशवे में मछलियों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रहा है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नया सिस्टम मछलियों की पहचान और गिनती चौबीसों घंटे करता है। पहले यह काम कर्मचारियों को हाथ से करना पड़ता था। अब सोनार और कैमरों की मदद से सिस्टम अलग-अलग प्रजातियों को पहचानता है और उनके तैरने के तरीके समेत कई जानकारियां दर्ज करता है।

काम

फिशवे में ऐसे काम करता है सिस्टम

यह व्यवस्था 2015 में शुरू हुए 116 मीटर ऊंचे जांगमू जलविद्युत स्टेशन के फिशवे में लगाई गई है।

फिशवे मछलियों को बांध के पार ऊपर की ओर जाने में मदद करता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके शुरू होने के बाद करीब 5.7 लाख दुर्लभ मछलियां ऊपर की ओर जा चुकी हैं।

नया AI सिस्टम पुराने वीडियो से प्रशिक्षित किया गया है। यह गुजरने वाली मछलियों की प्रजाति, संख्या और शरीर की गतिविधियों को करीब 95 प्रतिशत सटीकता से पहचानता है।

रिकॉर्ड

मछलियों की गतिविधियों का भी रखता है रिकॉर्ड

फिशवे से यारलुंग त्सांगपो की सात खास मछली प्रजातियां गुजरती हैं।

सिस्टम मछलियों की निगरानी के साथ उनके प्रवास का समय और पानी का तापमान भी दर्ज करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बांध मछलियों के प्राकृतिक रास्ते रोक सकते हैं, इसलिए ऐसे फिशवे उनके लिए रास्ता उपलब्ध कराते हैं।

जांगमू फिशवे को स्थानीय ठंडे पानी की कमजोर तैराक मछलियों को ध्यान में रखकर हल्की ढलान और उचित पानी की गति के साथ बनाया गया है।

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चिंता

बड़े बांध को लेकर पर्यावरण की चिंता

चीन का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब बड़े जलविद्युत बांधों के पर्यावरणीय असर को लेकर बहस जारी है।

जांगमू स्टेशन पर मछलियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रजनन और उन्हें नदी में छोड़ने का कार्यक्रम भी चलाया गया है। अब तक करीब 20 लाख मछलियां नदी में छोड़ी जा चुकी हैं।

वहीं चीन यारलुंग त्सांगपो के निचले हिस्से में 60 गीगावाट का बड़ा बांध बना रहा है, जिसे लेकर भारत में पर्यावरणीय चिंता जताई गई है।

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