LOADING...
चीन ने विकसित किया दुनिया का पहला क्लोन-हाइब्रिड चावल, जानिए क्या होगा फायदा 
चीन ने क्लोन-हाइब्रिड चावल की किस्म विकसित की है

चीन ने विकसित किया दुनिया का पहला क्लोन-हाइब्रिड चावल, जानिए क्या होगा फायदा 

Jan 07, 2026
02:03 pm

क्या है खबर?

चीनी शोधकर्ताओं ने हाइब्रिड चावल की एक क्रांतिकारी किस्म विकसित की है, जो क्लोन किए गए बीजों के माध्यम से स्वयं को दोहरा सकती है, जिससे ज्यादा उपज देने वाले गुण पीढ़ी दर पीढ़ी बरकरार रहते हैं। शोध टीम का कहना है कि उनकी यह सफलता हाइब्रिड चावल उत्पादन में सबसे बड़ी बाधा को दूर करके वैश्विक कृषि में क्रांति ला सकती है। इससे किसानों को हर मौसम में महंगे नए हाइब्रिड बीज खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी।

उत्पादन 

उत्पादन हो सकता है दोगुना 

दुनियाभर में करोड़ों लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं, ऐसे में हाइब्रिड चावल ने पारंपरिक किस्मों की तुलना में कहीं अधिक उपज देते हैं। अनुमानों के अनुसार, सभी धान किसान नई हाइब्रिड किस्म की धान की खेती करें तो विश्व में चावल का उत्पादन दोगुना हो सकता है। इन बीजों की कीमत काफी महंगी है और इनसे उत्पन्न होने वाली नई फसलों में हाइब्रिड गुण नहीं रहते, जिससे किसानों को हर साल नए बीज खरीदने पड़ते हैं।

कीमत 

किसानों को होगा यह फायदा 

चीन राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान में वांग केजियान के नेतृत्व में शोध दल ने एपोमिक्सिस के माध्यम से लगभग पूर्ण क्लोनल प्रजनन में सक्षम हाइब्रिड चावल विकसित किया है। यह एक ऐसी प्रक्रिया, जिसमें बीज बिना निषेचन के विकसित होते हैं। इससे इन बीजों से पैदा होने वाली फसलों में भी हाइब्रिड गुण बरकरार रहते हैं। इसी बीज को किसान दोबारा बुवाई के लिए उपयोग कर सकते हैं। इससे उनका नया बीज खरीदने पर होने वाला खर्चा बचेगा।

Advertisement