धोखाधड़ी वाली वेबसाइट्स तक ले सकता है ChatGPT, नए शोध में दी चेतावनी
क्या है खबर?
ChatGPT जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल ऑनलाइन शॉपिंग के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। आस्क सिल्वर द्वारा हाल ही में किए गए एक शोध से पता चला है कि इन प्लेटफार्मों का दुरुपयोग धोखेबाजों द्वारा भी किया जा सकता है। अध्ययन में पाया गया कि ChatGPT के खोज परिणामों में नकली वेबसाइट्स दिखाई दे रही हैं, जो भोले-भाले लोगों को धोखाधड़ी करने वाले खुदरा विक्रेताओं से खरीदारी करने के लिए गुमराह कर रही हैं।
तरीका
ऐसे की जा रही धोखाधड़ी
जालसाज उपभोक्ता व्यवहार पर AI के प्रभाव का फायदा उठा रहे हैं। वे नकली वेबसाइटें बनाते हैं, जो असली खुदरा विक्रेताओं जैसी दिखती हैं, जिससे लोग यह सोचने लगते हैं कि वे भरोसेमंद ब्रांड्स से खरीदारी कर रहे हैं। यह तरीका तब और भी कारगर होता है, जब कोई ब्रांड बंद हो जाता है या किसी दूसरी कंपनी में विलय हो जाता है, जिससे संभावित ग्राहकों के लिए कोई आधिकारिक वेबसाइट उपलब्ध नहीं रहती।
तकनीक
इस तरह चैटबॉट में की जाती है गड़बड़ी
आस्क सिल्वर की एना जोंस ने सुझाव दिया कि ChatGPT को शक्ति प्रदान करने वाला लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) 'दूषित' हो सकता है। इसका मलतब है कि AI जिस जानकारी से सीखती है, उसमें गलत सामग्री डाली गई है। राष्ट्रीय व्यापार मानक विभाग में घोटालों की प्रमुख लुईस बैक्सटर ने उपभोक्ताओं को चेतावनी दी है कि वे किसी वेबसाइट को केवल इसलिए असली न मान लें क्योंकि उसे AI टूल द्वारा बताया गया है।
जवाब
चैटबॉट ने दिया यह जवाब
आस्क सिल्वर के शोध में पाया गया कि जब ChatGPT से रसेल एंड ब्रोमली के लोकप्रिय पर्स और बैग के बारे में एक सामान्य प्रश्न पूछा गया तो इसने विभिन्न बैगों की जानकारी और कीमतें प्रदान कीं। हालांकि, इस उत्तर के स्रोतों में 2 फर्जी रसेल एंड ब्रोमली साइट्स भी शामिल थीं। ये साइट्स विश्वसनीय प्रतीत होती थीं और बैगों पर भारी छूट की पेशकश करती थीं, जो उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए धोखेबाजों की एक आम रणनीति है।
बचाव
धोखाधड़ी से ऐसे बचें
इन घोटालों से बचने के लिए उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे नकली वेबसाइट्स के एड्रेस की जांच करके उन्हें पहचानें। वास्तविक वेबसाइट्स अक्सर डॉट कॉम या अन्य देश-विशिष्ट डोमेन का उपयोग करती हैं, जबकि धोखाधड़ी वाली वेबसाइट्स के नाम में आधिकारिक या डील जैसे अतिरिक्त शब्द हो सकते हैं। ये केवल बैंक ट्रांसफर के माध्यम से भुगतान स्वीकार करती हैं और वस्तुओं पर भारी छूट का वादा करती हैं।