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मार्किट में आया ऐसा मोबाइल ऐप, 'कबूतर' लेकर जाता है आपका मैसेज
व्हाट्सऐप से अलग है ये ऐप (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मार्किट में आया ऐसा मोबाइल ऐप, 'कबूतर' लेकर जाता है आपका मैसेज

Aug 14, 2026
12:14 pm

क्या है खबर?

आज के दौर में मैसेज कुछ ही सेकंड में सामने वाले तक पहुंच जाता है, लेकिन एक नया ऐप इस तेज रफ्तार को जानबूझकर धीमा कर रहा है। iOS पर उपलब्ध कैरियर पिज में मैसेज वर्चुअल कबूतर के जरिए भेजे जाते हैं। इसे डेवलपर नोआ आयरोबिनो ने करीब तीन हफ्ते में तैयार किया है। ऐप का मकसद कोई बड़ी समस्या हल करना नहीं, बल्कि लोगों को पुराने समय जैसी धीमी और मजेदार मैसेजिंग का अनुभव देना है।

काम

ऐप कैसे करता है काम?

कैरियर पिज में मैसेज भेजते ही ऐप दोनों यूजर्स के बीच GPS दूरी का हिसाब लगाता है।

इसके बाद वर्चुअल कबूतर करीब 110 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ता है। इसकी गति 25 प्रतिशत तक बदल सकती है, इसलिए पहुंचने का समय हमेशा अनुमानित रहता है।

पास के मैसेज कुछ सेकंड में पहुंच सकते हैं, जबकि लंबी दूरी वाले संदेशों में कई घंटे लग सकते हैं। यूजर लाइव मैप पर कबूतर की पूरी यात्रा देख सकता है।

संभावना

मैसेज खोने की भी रहती है संभावना

इस ऐप में मैसेज के हमेशा पहुंचने की गारंटी नहीं है। करीब 0.2 प्रतिशत संभावना रहती है कि उड़ता हुआ कबूतर रास्ते में खो जाए और मैसेज कभी डिलीवर न हो।

ऐप में संपर्कों को झुंड और चैट को पक्षीशाला कहा जाता है। फ्रेंड रिक्वेस्ट भी कबूतरों के रूप में आती है।

इस तरह ऐप की भाषा और डिजाइन को पूरी तरह कबूतरों की थीम पर रखा गया है, जिससे इसका अनुभव बाकी मैसेजिंग ऐप्स से अलग बनता है।

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मैसेजिंग

धीमी मैसेजिंग को मिल रहा लोगों का साथ

कैरियर पिज अकेला ऐसा ऐप नहीं है, जो मैसेजेस को जानबूझकर धीमा करता है।

टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी तरह के ऐप रूस्ट ने लॉन्च के कुछ हफ्तों में करीब तीन लाख यूजर्स आकर्षित किए। दोनों ऐप धीमी डिलीवरी और लाइव पक्षी ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं पर आधारित हैं।

इससे संकेत मिलता है कि कुछ लोग अब तुरंत जवाब मिलने के बजाय मैसेजिंग में थोड़ा इंतजार, उत्सुकता और मजेदार अनुभव भी चाहते हैं।

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