AI को लेकर बिल गेट्स की चेतावनी, नौकरियों और साइबर सुरक्षा पर असर की जताई आशंका
क्या है खबर?
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया की सरकारों को चेतावनी दी है। रॉयटर्स के साथ साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि सरकारें AI से होने वाले बड़े बदलावों के लिए अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इससे नौकरियों पर असर पड़ सकता है, साइबर सुरक्षा के खतरे बढ़ सकते हैं और ज्यादा AI सिस्टम नई परेशानियां खड़ी कर सकते हैं। गेट्स ने कहा कि सरकारें इस तकनीक की रफ्तार से काफी पीछे हैं।
बहस
AI को लेकर बढ़ रही बहस
गेट्स का बयान ऐसे समय आया है, जब AI के विकास को धीमा करने और उस पर सख्त नियम लगाने की बहस तेज हो रही है।
एंथ्रोपिक के प्रमुख डारियो अमोदेई ने AI डेवलपमेंट को सावधानी के साथ आगे बढ़ाने की बात कही है। सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क समेत कई लोगों ने भी जोखिमों पर ध्यान देने की जरूरत बताई है।
गेट्स पहले भी रोजगार, गलत इस्तेमाल और AI पर ज्यादा निर्भरता को लेकर चिंता जता चुके हैं।
फायदा
AI से गरीब देशों को भी फायदा
गेट्स का मानना है कि AI का लाभ केवल अमीर देशों और बड़े समुदायों तक सीमित नहीं रहे।
उनकी संस्था दो वर्षों में AI की पहुंच बढ़ाने के लिए कम से कम 100 अरब रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इस रकम से स्वास्थ्य, शिक्षा और खेती से जुड़े कामों को मदद मिलने की उम्मीद है।
गेट्स के अनुसार, AI डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सहायता करने के साथ दवाओं और वैक्सीन का विकास भी तेज कर सकता है।
काम
सरकारों को मिलकर करना होगा काम
गेट्स ने कहा कि AI से जुड़े खतरों से निपटने के लिए दुनिया की सरकारों को साथ काम करना होगा।
उन्होंने तेज रफ्तार से विकसित हो रहे AI सिस्टम की तुलना ऐसी फिल्मी कहानी से की, जिसमें बड़े खतरे के सामने दुश्मन देश भी एकजुट हो जाते हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप AI की रफ्तार धीमी करने के पक्ष में नहीं हैं।
उनका कहना है कि अमेरिका को चीन से आगे रहने के लिए AI विकास जारी रखना चाहिए।