सबसे बड़ा वैज्ञानिक प्रयोग': दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर रिएक्टर हकीकत के करीब
क्या है खबर?
फ्रांस के कैडाराचे में स्थित अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) में विश्व का सबसे बड़ा न्यूक्लियर फ्यूजन प्रयोग पूरा होने के करीब पहुंचा गया है। रिएक्टर के केंद्र में स्थित विशाल चुंबक को असेंबल करने के लिए आवश्यक घटकों की अंतिम खेप प्राप्त हो चुकी है। यह चुंबक केंद्रीय सोलेनोइड है, जिसे अमेरिका में ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी में डिजाइन और विकसित किया गया है और यह विशाल प्रायोगिक स्थल के सबसे महत्वपूर्ण घटकों में से एक है।
आकार
बहुत विशाल है रिएक्टर
रिएक्टर का डोनट आकार का टोकामाक शक्तिशाली चुम्बकों का उपयोग करके प्लाज्मा को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है और लगभग एक किलोमीटर लंबा है। इसके केंद्र में शक्तिशाली सोलेनोइड चुंबक स्थित है, जो इस जटिल सेटअप का मात्र एक घटक है। सोलेनोइड 18-मीटर ऊंचा और 4.25-मीटर चौड़ा है, जो 6 अलग-अलग मॉड्यूल से बना है, जिनमें प्रत्येक का वजन 122.5 टन से अधिक है और यह 6 किलोमीटर लंबे नायोबियम-टिन सुपरकंडक्टिंग केबल से लिपटा हुआ है।
प्रयोग
रिएक्टर में क्या होगा प्रयोग?
ITER सार्वजनिक उपयोग के लिए बिजली उत्पन्न नहीं करेगा, फिर भी इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अनुसंधान प्रयासों में से एक माना जाता है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वाणिज्यिक न्यूक्लियर फ्यूजन को संभव बनाना है। यह वही प्रक्रिया है, जिससे पृथ्वी को सूर्य से असीमित स्वच्छ ऊर्जा मिलती है। इस प्रयोग को चीन, यूरोपीय संघ (EU), दक्षिण कोरिया, भारत, जापान, रूस और अमेरिका के गठबंधन द्वारा संयुक्त रूप से वित्त पोषित और संचालित किया जा रहा है।