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नकली आधार की समस्या दूर करेगा भारत ABIS, जानिए कैसे करता है काम
भारत ABIS नकली आधार कार्ड की पहचान सटीकता से करता है

नकली आधार की समस्या दूर करेगा भारत ABIS, जानिए कैसे करता है काम

Sep 26, 2026
05:39 pm

क्या है खबर?

सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक डाटाबेस सबसे सुरक्षित सिस्टम में से एक है, लेकिन आधार कार्ड के मामले में 1.5 अरब से ज्यादा लोगों का डाटा हो तो यह अपनी क्षमता की सीमा तक पहुंच जाता है। इससे नकली आधार कार्ड बनने की समस्या होती है। इसे दूर करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के शोधकर्ताओं ने 'भारत ABIS' बनाया है। यह वर्तमान में इस्तेमाल होने वाले सिस्टम के मुकाबले गति और सटीकता के मामले में बेहतर लगता है।

समस्या 

2022 में रद्द किए गए 6 लाख नकली आधार कार्ड

अध्ययन में पता लगाया गया है कि 'भारत ABIS' सटीकता और गति बनाए रखते हुए बड़े डाटाबेस को कैसे संभालता है? यह सिस्टम बड़े डाटाबेस में नई ID को कैसे जोड़ता है, बिना नकली बनाए या गलत तरीके से एंट्री को फ्लैग किए।

यह एक ओपन-सोर्स बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम है।

2022 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने लोकसभा को बताया कि उस साल मई तक लगभग 6 लाख नकली आधार कार्ड की पहचान करके उन्हें रद्द किया गया।

तरीका 

ऐसे काम करता है ABIS सिस्टम

ऑटोमेटेड बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (ABIS) किसी व्यक्ति के फिंगरप्रिंट, आइरिस और चेहरे के डाटा को मिलाकर एक सिंगल टेंपलेट बनाता है, जिसका साइज 13.5kb होता है।

इसके बाद, इसको डाटाबेस से मिलाया जाता है, ताकि पहले से मौजूद उसी व्यक्ति की ID (क्रेडेंशियल्स) का पता लगाया जा सके।

यह पक्का करने के लिए कि सिस्टम बड़े पैमाने पर एंट्रीज को संभाल सके, ABIS में एक शेड्यूलर होता है, जो सर्च के काम को अलग-अलग सर्वर में बांट देता है।

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