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भारत में चल रहा खास परीक्षण; कुत्ते सूंघकर बताएंगे कैंसर का खतरा, AI भी करेगा मदद
भारत में चल रहा खास परीक्षण

भारत में चल रहा खास परीक्षण; कुत्ते सूंघकर बताएंगे कैंसर का खतरा, AI भी करेगा मदद

Aug 14, 2026
04:15 pm

क्या है खबर?

बेंगलुरु के बाहर एक फार्म पर कुत्ते कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं। डॉग्नोसिस नाम का भारतीय स्टार्टअप बीगल, लैब्राडोर और दूसरी नस्लों की सूंघने की क्षमता का इस्तेमाल इंसानी सांस में बीमारी के संकेत खोजने के लिए कर रहा है। खास सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कुत्तों की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करेंगे। कंपनी का दावा है कि यह तरीका कम लागत वाली शुरुआती स्क्रीनिंग में मदद कर सकता है।

संकेत

सांस के नमूने सूंघकर AI तक पहुंचेंगे संकेत

मरीजों को खास मास्क में सांस लेने के लिए कहा जाता है।

इसके बाद उनके नमूने लैब में कुत्तों के सामने रखे जाते हैं। कुत्ते नमूनों को सूंघकर प्रतिक्रिया देते हैं, जबकि सेंसर उनकी हरकत, सांस, शरीर की भाषा और दिमाग से जुड़े संकेत रिकॉर्ड करते हैं।

इन आंकड़ों को AI सिस्टम समझता है और कुत्ते की प्रतिक्रिया से संभावित कैंसर संकेतों की पहचान करने की कोशिश करता है। पूरी प्रक्रिया को कुत्तों के लिए खेल जैसा बनाया गया है।

दावा

शुरुआती जांच में करीब 90 प्रतिशत संवेदनशीलता का दावा

डॉग्नोसिस के अनुसार, एक अध्ययन में शुरुआती कैंसर की पहचान के लिए कुत्तों ने करीब 90 प्रतिशत संवेदनशीलता दिखाई।

कंपनी अब यह जांचना चाहती है कि नियंत्रित प्रयोगों के बाहर भी यह प्रदर्शन कायम रहता है या नहीं। भारत में कैंसर के मामले ज्यादा हैं, लेकिन नियमित जांच कराने वालों की संख्या कम है।

इसी वजह से कंपनी अगले साल घर पर मल्टी-कैंसर प्रीस्क्रीनिंग जांच शुरू करने की योजना बना रही है, जिसकी कीमत कुछ हजार रुपये हो सकती है।

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परीक्षण

10 अस्पतालों में तीसरे चरण का परीक्षण जारी

डॉग्नोसिस ने अप्रैल में भारत के 10 अस्पतालों के साथ तीसरे चरण का परीक्षण शुरू किया है, जिसमें करीब 10,000 लोग शामिल होंगे।

ज्यादा जोखिम वाले बिना लक्षण वाले लोगों और कैंसर से उबर चुके मरीजों की जांच होगी। संदिग्ध परिणाम मिलने पर इमेजिंग और बायोप्सी जैसी सामान्य जांच से पुष्टि की जाएगी।

कंपनी हर साल 10 लाख नमूने जांचने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक मौजूदा स्क्रीनिंग की जगह नहीं लेनी चाहिए।

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