फाल्कन 9 रॉकेट से पहले ये मानव निर्मित वस्तुएं भी गिर चुकी हैं चंद्रमा पर
क्या है खबर?
स्पेस-X के फाल्कन 9 रॉकेट का ऊपरी हिस्सा आज (5 अगस्त) चंद्रमा से टकराया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इंसानों की बनाई कोई वस्तु चंद्रमा पर गिरी हो। पिछले कई दशकों में अलग-अलग मिशनों के दौरान रॉकेट, प्रोब और अंतरिक्ष यानों को चंद्रमा से टकराया है। इनमें कुछ दुर्घटनावश गिरे, जबकि कई मिशनों में वैज्ञानिक अध्ययन के लिए जानबूझकर ऐसा किया गया था। इन घटनाओं ने अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाई।
1959
1959 में सोवियत संघ ने पहली बार रचा इतिहास
मानव निर्मित वस्तु के चंद्रमा से टकराने की पहली घटना वर्ष 1959 में हुई थी।
सोवियत संघ का लूना-2 मिशन दुनिया का पहला अंतरिक्ष यान बना, जिसने सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह को छुआ। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा तक पहुंचना और शुरुआती वैज्ञानिक जानकारी जुटाना था।
इसके बाद 1960 के दशक में अमेरिका के रेंजर मिशनों और अपोलो कार्यक्रम के कई रॉकेट चरण भी चंद्रमा पर गिराए गए थे। इससे चंद्रमा के बारे में कई नई जानकारियां भी मिली थीं।
2009
2009 में नासा ने जानबूझकर कराई टक्कर
वर्ष 2009 में नासा ने एलक्रॉस मिशन के तहत एक रॉकेट चरण को जानबूझकर चंद्रमा से टकराया था।
इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में पानी की बर्फ की मौजूदगी का पता लगाना था। टक्कर के बाद उड़ी धूल और मलबे का अध्ययन कर वैज्ञानिकों ने अहम जानकारियां जुटाईं।
इसने चंद्रमा पर पानी के संकेत मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रमाण भी उपलब्ध कराए। इसके नतीजों का इस्तेमाल बाद के कई मिशनों में भी किया गया।
2022
2022 में भी हुई थी ऐसी ही एक घटना
वर्ष 2022 में एक पुराने रॉकेट बूस्टर के चंद्रमा से टकराने की पुष्टि हुई थी।
माना गया कि यह 2014 में लॉन्च किए गए एक चीनी चंद्र मिशन का बचा हुआ हिस्सा था। इस घटना ने अंतरिक्ष मलबे को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी थी।
स्पेस-X के रॉकेट की ताजा टक्कर से वैज्ञानिकों को चंद्रमा की सतह, गड्ढों के बनने की प्रक्रिया और भविष्य के चंद्र अभियानों की तैयारी के लिए फिर से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।