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ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं? साइबर ठगी के इन तरीकों से जरूर रहें सतर्क
साइबर ठगी के इन तरीकों से जरूर रहें सतर्क

ऑनलाइन बैंकिंग करते हैं? साइबर ठगी के इन तरीकों से जरूर रहें सतर्क

Jul 01, 2026
10:16 am

क्या है खबर?

डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट ने लेनदेन को पहले से आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। जालसाज नए-नए तरीके अपनाकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। कई लोग अनजाने में अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में इन तरीकों को समझना और सतर्क रहना जरूरी है, ताकि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।

#1

फिशिंग लिंक और UPI रिक्वेस्ट से ऐसे होती है ठगी

जालसाज बैंक अधिकारी बनकर ईमेल, SMS या सोशल मीडिया पर लोगो को फर्जी मैसेज भेजते हैं। इनमें KYC अपडेट, अकाउंट बंद होने या इनाम मिलने का लालच दिया जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुल जाती है, जहां लोग अपनी बैंक जानकारी भर देते हैं। इसके अलावा UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजकर PIN डालने के लिए कहा जाता है। PIN डालते ही खाते से पैसे निकल सकते हैं।

#2

रिमोट ऐप और फर्जी कस्टमर केयर से रहें सावधान

ठग खुद को बैंक या कस्टमर केयर का कर्मचारी बताकर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। ऐप इंस्टॉल होते ही उन्हें फोन की स्क्रीन और कई जरूरी जानकारियों तक पहुंच मिल जाती है। कई बार लोग इंटरनेट पर मिले फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर भी कॉल कर देते हैं। इसके बाद OTP, कार्ड नंबर या दूसरी बैंकिंग जानकारी लेकर खाते से रकम उड़ा ली जाती है।

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#3

सिम स्वैप कर अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं जालसाज

साइबर ठग कई बार मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम जारी कराकर भी लोगों को निशाना बनाते हैं। इसके बाद बैंक से आने वाले OTP और जरूरी मैसेज उनके पास पहुंचने लगते हैं। इसी का फायदा उठाकर वे इंटरनेट बैंकिंग या दूसरे डिजिटल खातों तक अपनी पहुंच बना लेते हैं। अगर अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाए या बिना वजह बैंक के मैसेज आने लगें, तो तुरंत बैंक और मोबाइल कंपनी से संपर्क करना चाहिए।

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#4

इन सावधानियों से खुद को रखें सुरक्षित

डिजिटल बैंकिंग इस्तेमाल करते समय कभी भी OTP, UPI PIN, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही उपयोग करें तथा हर बैंक संदेश पर नजर रखें। किसी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। ठगी का शक होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

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