ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया प्रतिबंध के असर पर सवाल, बच्चे अभी भी कर रहे हैं उपयोग
क्या है खबर?
सोशल मीडिया के खतरों को देखते हुए बहुत से देश बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने इस पहल की शुरुआत सबसे पहले की थी, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना मना है। हालांकि, मॉली रोज फाउंडेशन के सर्वे में सामने आया है कि इस कदम का असर पूरी तरह नहीं दिख रहा है, क्योंकि कई बच्चे अब भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सक्रिय बने हुए हैं।
सर्वे
बैन के बाद भी जारी है इस्तेमाल
रिपोर्ट के अनुसार, 12 से 15 साल के 61 प्रतिशत बच्चों के पास अभी भी सोशल मीडिया अकाउंट मौजूद हैं। वहीं 70 प्रतिशत बच्चों ने माना कि बैन से बचना आसान है। इसका मतलब है कि बच्चे नए तरीके ढूंढकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे यह साफ होता है कि केवल नियम लागू करना काफी नहीं है और इसे प्रभावी बनाने के लिए और कदम उठाने की जरूरत है।
जांच
सरकार ने शुरू की जांच
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने भी इस मामले पर सख्ती दिखाते हुए कई सोशल मीडिया कंपनियों की जांच शुरू की है। इसमें टिक-टॉक, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। देखा जा रहा है कि ये कंपनियां नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं। अगर उल्लंघन पाया जाता है, तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें लगभग 3.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 330 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
फैसला
आगे क्या हो सकता है फैसला?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे मामले पर 2026 के बीच तक अंतिम फैसला लिया जा सकता है। अगर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सिर्फ इस तरह का प्रतिबंध ही काफी नहीं है, बल्कि जागरूकता बढ़ाना और तकनीकी नियंत्रण भी जरूरी है, ताकि सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।