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आर्टेमिस 3 मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री होंगे शामिल, क्या है नासा की योजना?
आर्टेमिस 3 मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री होंगे शामिल

आर्टेमिस 3 मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री होंगे शामिल, क्या है नासा की योजना?

May 14, 2026
03:55 pm

क्या है खबर?

नासा अपने सबसे कठिन मिशनों में शामिल आर्टेमिस 3 की नई तैयारी कर रही है। इस मिशन को अब 2027 के लिए अर्थ ऑर्बिट टेस्ट फ्लाइट के रूप में तय किया गया है। पहले योजना थी कि अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक जाएंगे, लेकिन अब मिशन पृथ्वी की कक्षा तक सीमित रहेगा। इस दौरान चार अंतरिक्ष यात्री SLS रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट के जरिए अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। नासा इसे चंद्रमा लैंडिंग की तैयारी मान रही है।

मिशन

चंद्रमा की जगह पृथ्वी की कक्षा में होगा मिशन

नासा ने फरवरी 2026 में फैसला लिया था कि इंसानों की चंद्रमा लैंडिंग से पहले एक अतिरिक्त टेस्ट मिशन किया जाएगा। इसके बाद इंजीनियरों ने आर्टेमिस 3 मिशन में बड़े बदलाव किए। इस मिशन में रॉकेट के ऊपरी हिस्से की जगह एक डमी स्ट्रक्चर लगाया जाएगा, जिसमें इंजन नहीं होगा। इसके बाद ओरियन स्पेसक्राफ्ट का सर्विस मॉड्यूल अपने इंजन की मदद से पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में पहुंचेगा।

डॉकिंग

अंतरिक्ष में होगी डॉकिंग की अहम परीक्षा

मिशन के दौरान ओरियन स्पेसक्राफ्ट दो अलग-अलग चंद्र लैंडर सिस्टम के साथ डॉकिंग की कोशिश करेगा। इनमें ब्लू ओरिजिन का ब्लू मून मार्क 2 और स्पेस-X का स्टारशिप ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम पाथफाइंडर शामिल है। डॉकिंग यानी अंतरिक्ष में दो स्पेसक्राफ्ट को जोड़ना बेहद जटिल प्रक्रिया मानी जाती है। यह आर्टेमिस प्रोग्राम में पहली बार होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्री इन टेस्ट मॉड्यूल में प्रवेश भी कर सकते हैं और वहां जरूरी सिस्टम की जांच कर सकते हैं।

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सपोर्ट सिस्टम

लाइफ सपोर्ट सिस्टम की होगी लंबी जांच

आर्टेमिस 3 मिशन में अंतरिक्ष यात्री ओरियन स्पेसक्राफ्ट में पहले के मुकाबले ज्यादा समय बिताएंगे। इससे नासा को लंबे समय तक चलने वाले लाइफ सपोर्ट सिस्टम की गहराई से जांच करने का मौका मिलेगा। इससे पहले अप्रैल में पूरा हुए आर्टेमिस 2 मिशन में केवल चंद्रमा के पास से उड़ान भरी गई थी। नासा यह देखना चाहती है कि लंबे मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को ऑक्सीजन, तापमान और दूसरी जरूरी सुविधाएं सुरक्षित तरीके से मिल पाती हैं या नहीं।

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वापसी

वापसी के दौरान होगी हीट शील्ड की परीक्षा

मिशन पूरा होने के बाद ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी पर लौटते समय अपनी नई हीट शील्ड का टेस्ट करेगा। हीट शील्ड एक सुरक्षा कवच होता है, जो स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश के दौरान पैदा होने वाली तेज गर्मी से बचाता है। नासा इस बार अपग्रेडेड सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा बेहतर हो सके। एजेंसी का मानना है कि यह टेस्ट आगे चंद्रमा और मंगल मिशनों की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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