एंड्रॉयड में आया नया 'पॉज पॉइंट' फीचर, बेवजह स्क्रॉलिंग पर लगेगी रोक
क्या है खबर?
गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए नया 'पॉज पॉइंट' फीचर पेश किया है। इसका मकसद लोगों को मोबाइल पर बेवजह ज्यादा समय बिताने और लगातार स्क्रॉलिंग की आदत से बचाना है। यह फीचर खास तौर पर टिक-टॉक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स जैसे ऐप्स के ज्यादा इस्तेमाल को कम करने में मदद करेगा। गूगल का कहना है कि कई लोग बिना सोचे-समझे घंटों फोन इस्तेमाल करते रहते हैं। ऐसे में यह फीचर यूजर्स को थोड़ी देर रुककर सोचने का मौका देगा।
फीचर
कैसे काम करेगा यह फीचर?
पॉज पॉइंट फीचर उन ऐप्स पर काम करेगा, जिन्हें यूजर खुद ध्यान भटकाने वाला बताएगा। ऐप खोलते ही फोन पहले 10 सेकंड का पॉज देगा। इस दौरान यूजर तय कर सकेगा कि वह सच में ऐप इस्तेमाल करना चाहता है या सिर्फ आदत में खोल रहा है। इससे लोगों को बिना जरूरत स्क्रॉलिंग करने से बचने में मदद मिलेगी। यह फीचर ऐप शुरू होने से पहले सोचने और ध्यान बदलने का समय देने के लिए बनाया गया है।
टाइमर
टाइमर और दूसरे सुझाव भी देगा फीचर
गूगल ने बताया कि पॉज पॉइंट सिर्फ रुकने का मैसेज नहीं देगा, बल्कि यूजर्स को दूसरे काम करने के सुझाव भी देगा। इसमें फिटनेस ऐप, ऑडियोबुक, ई-बुक या दूसरी उपयोगी ऐप्स इस्तेमाल करने का विकल्प दिख सकता है। यूजर ऐप शुरू करने से पहले टाइमर भी सेट कर सकेंगे, ताकि स्क्रीन टाइम सीमित रहे। कंपनी का कहना है कि इससे मोबाइल इस्तेमाल ज्यादा सोच-समझकर होगा। यह फीचर लोगों को डिजिटल आदतों पर बेहतर नियंत्रण रखने में मदद कर सकता है।
फीचर
फीचर बंद करना भी आसान नहीं होगा
गूगल ने इस फीचर को पहले के साधारण ऐप टाइमर से अलग बनाया है। इसे बंद करने के लिए फोन को रीस्टार्ट करना पड़ेगा, ताकि यूजर तुरंत इसे हटाकर दोबारा स्क्रॉलिंग शुरू न कर सके। गूगल का कहना है कि दुनियाभर में सोशल मीडिया के असर और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। कंपनी अब ऐसे टूल्स ला रही है जो लोगों को जरूरत पड़ने पर फोन से दूरी बनाने और स्क्रीन टाइम कम करने में मदद करें।