टीमों के बीच वर्चुअल सहयोग बढ़ाने में मददगार हो रहा AI, जानिए क्या मिलता है फायदा
क्या है खबर?
दूर से काम करने वाली टीमों के लिए वर्चुअल सहयोग बहुत जरूरी है, लेकिन बातचीत में गलतफहमी, काम का बिखरा होना और मीटिंग की थकान उनकी उत्पादकता पर असर डाल सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल अब इस काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। ये टूल अपने आप सारांश बनाते हैं और तुरंत होने वाली बातचीत को बेहतर बनाते हैं। आइये जानते हैं AI वर्चुअल माहौल में आने वाली समस्याओं को कैसे सुलझाते हैं।
#1
मीटिंग मैनेजमेंट को आसान बनाना
AI टूल आपकी मीटिंग को मैनेज करने के तरीके को एक नए स्तर पर ले जा सकते हैं। ये बातचीत को लिखते हैं और यह भी बताते हैं कि आगे क्या काम करना है। कुछ प्लेटफॉर्म तुरंत होने वाली बातचीत को लिखते हैं, शोर कम करते हैं, खुद ही सारांश तैयार करते हैं और आगे होने वाले काम भी बताते हैं। इससे किसी को हाथ से नोट्स लिखने की जरूरत नहीं पड़ती और सब एक ही पेज पर रहते हैं।
#2
विजुअल ब्रेनस्टॉर्मिंग को बेहतर बनाना
विजुअल ब्रेनस्टॉर्मिंग और प्रोजेक्ट प्लानिंग में भी कुछ AI टूल बहुत काम के होते हैं। ये स्टिकर नोट्स को एक साथ ग्रुप करते हैं, माइंड मैप बनाते हैं और बोर्ड्स का सारांश भी तैयार करते हैं। इन खासियतों की वजह से कच्चे विचारों को फटाफट व्यवस्थित प्लान में बदला जा सकता है, जिससे काम करने की क्षमता बढ़ जाती है। टास्क मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म में मिलने वाली ऑटोमेशन खासियतें विजुअल बोर्ड पर बार-बार होने वाले कामों को कम कर देती हैं।
#3
कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स को बेहतर बनाना
AI वर्कफ्लो ऑटोमेशन और चैनल्स में टास्क ट्रैक करने की खासियत के साथ कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म को बहुत बेहतर बनाता है। कुछ ऐप तो मीटिंग का विस्तृत एजेंडा बनाकर और पूरा सारांश तैयार करके मीटिंग को व्यवस्थित भी कर सकते हैं। ये कैलेंडर से भी जुड़ जाते हैं, जिससे तैयारी और बेहतर हो जाती है। ये खासियतें टीम के सदस्यों के बीच रोजाना के तालमेल को बहुत बेहतर करती हैं। उनके बीच गलतफहमी होने की संभावनाएं भी कम होती हैं।
#4
टास्क और कैलेंडर की कार्यक्षमता बढ़ाना
टास्क और कैलेंडर वाले टूल का इस्तेमाल करके अलग-अलग टाइम जोन में मीटिंग को स्मार्ट तरीके से शेड्यूल करते हैं, ताकि तालमेल में कोई रुकावट न आए। ये टूल फोकस टाइम को अलग से ब्लॉक भी कर देते हैं, जिससे टीम के सदस्य बहुत ज्यादा काम के तनाव से बच सकें। डेवलपर टीमों को AI से बने सुझाव मिलते हैं, जिससे वे कोड लिखने और तुरंत होने वाले सहयोग सेशन के दौरान डॉक्यूमेंटेशन को ऑटोमेट करने में मदद मिलती है।