जापान में विदेशी श्रमिकों की जगह लेगा AI, जानिए क्यों उठाया जा रहा यह कदम
क्या है खबर?
जापान में श्रमिकों की कमी से समस्या को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से हल करने की तैयारी की जा रही है। यहां AI जल्द ही विदेशी श्रमिकों की जगह ले सकता है। हाल ही में हुए निचले सदन के चुनाव में AI इंजीनियर्स के नेतृत्व वाले एक दल ने इसका प्रस्ताव रखा है। यह कदम देश में मार्च, 2029 तक 12.31 लाख विदेशी श्रमिकों की मांग को देखते हुए जरूरी बताया जा रहा है, जो इस समस्या को दूर कर देगा।
घोषणापत्र
पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया मुद्दा
पार्टी के घोषणापत्र में AI के व्यापक उपयोग को जापानी समाज में मौलिक परिवर्तन की कुंजी बताया गया है। यह अधिक कुशल विदेशी कर्मियों को स्वीकार करने के साथ-साथ प्रवेश प्रतिबंधों को सख्त करने का आह्वान करता है। पार्टी का लक्ष्य इस तकनीक के उपयोग जैसे उपायों के माध्यम से उन उद्योगों में सुधार करके विदेशी श्रमिकों पर जापान की निर्भरता को कम करना भी है, जो वर्तमान में कम वेतन वाले विदेशी तकनीकी प्रशिक्षुओं पर निर्भर हैं।
असर
कौन से कर्मचारियों पर पड़ेगा असर?
इंजीनियर्स की पार्टी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन क्षेत्रों या उद्योगों में AI जल्द ही विदेशी श्रमिकों की जगह ले सकता है। यह दावा किया गया है कि इस तकनीक के आने से सभी कार्यरत कर्मचारियों को अपनी वर्तमान नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है और उन्हें दोबारा प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है। इनमें फील्ड में काम करने वाले श्रमिकों पर नहीं बल्कि कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।