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AI साबित हो रहा महंगा, कंपनियों को कर्मचारियों के वेतन से अधिक करना पड़ रहा खर्च
AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है

AI साबित हो रहा महंगा, कंपनियों को कर्मचारियों के वेतन से अधिक करना पड़ रहा खर्च

Apr 27, 2026
03:36 pm

क्या है खबर?

आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और कंपनियां नए-नए मॉडल पेश कर रही हैं। पहले इन कंपनियों को इन्वेस्टर्स से भारी फंडिंग मिलती थी, लेकिन अब फंडिंग कम होने लगी है। ऐसे में कंपनियां अपने खर्च निकालने के लिए ग्राहकों से पैसे ले रही हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बड़ी कंपनियों पर पड़ रहा, जो AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करती हैं और लगातार बढ़ते खर्च का सामना कर रही हैं।

आर्थिक दबाव

कंपनियों पर बढ़ता आर्थिक दबाव

कई कंपनियों के लिए AI की लागत अब कर्मचारियों की सैलरी से भी ज्यादा हो गई है। उदाहरण के तौर पर, कुछ कंपनियों ने बताया कि AI टूल्स के कारण उनका बजट जल्दी खत्म हो गया। एक छोटी टीम का AI खर्च भी लाखों रुपये तक पहुंच गया है। यहां तक कि कुछ टेक कंपनियों में कंप्यूटिंग लागत कर्मचारियों के खर्च से ज्यादा हो गई है। इससे साफ है कि AI अपनाना आसान नहीं, बल्कि महंगा सौदा हो गया है।

असर

यूजर्स भी महसूस कर रहे असर

AI की बढ़ती लागत का असर सिर्फ कंपनियों पर ही नहीं, आम यूजर्स पर भी पड़ रहा है। कई AI प्लेटफॉर्म अब अपने एडवांस फीचर्स को पेड बना रहे हैं, जिससे मुफ्त यूजर्स को सीमित सुविधा मिल रही है। कुछ यूजर्स ने यह भी शिकायत की है कि उनके इस्तेमाल की सीमा जल्दी खत्म हो जाती है। ऐसे में कम आय वाले लोग सस्ते या कमज़ोर AI टूल्स का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं।

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उम्मीद

भविष्य में लागत कम होने की उम्मीद

कंपनियां अब AI को सस्ता और ज्यादा असरदार बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। नई तकनीकों और बेहतर सिस्टम के जरिए खर्च कम करने की कोशिश हो रही है। कुछ कंपनियों ने ऐसे मॉडल पेश किए हैं जो कम संसाधन में ज्यादा काम कर सकते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में AI की लागत धीरे-धीरे कम हो सकती है, जिससे ज्यादा लोगों और कंपनियों के लिए इसका इस्तेमाल आसान हो जाएगा।

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