भारत में उपग्रहों को सुरक्षित रखने में ली जा रही AI मदद, जानिए कैसे
क्या है खबर?
भारतीय उपग्रहों को अंतरिक्ष में सुरक्षित रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेने के लिए दिगंतारा इंडस्ट्रीज ने अंतरिक्ष डोमेन जागरूकता एप्लिकेशन के लिए सॉफ्टवेयर डिजाइन किया है। यह कक्षा में मौजूद वस्तुओं में किसी भी परिवर्तन, पैटर्न या उल्लंघन का आकलन करने के लिए AI का उपयोग करता है, जो सांख्यिकीय मॉडल से भविष्यवाणी करता है। इससे उपग्रहों को नुकसान पहुंचाने वाली टक्करों को रोकने में मदद मिलती है।
निगरानी
AI के उपयोग का फायदा
दिगंतारा अंतरिक्ष में परिक्रमा करने वाली वस्तुओं पर नजर रखती, जिनमें सक्रिय और निष्क्रिय उपग्रह, विघटित उपग्रहों के अवशेष और अंतरिक्ष में तेजी से गुजरने वाले एस्ट्रॉयड भी शामिल हैं। कंपनी ने अंतरिक्ष डोमेन जागरूकता एप्लिकेशन के लिए एक AI से लैस सॉफ्टवेयर डिजाइन किया है, जो बताती है कि वस्तुएं 7 दिन बाद कक्षा में कहां होंगी बेंगलुरु की पिक्सल स्पेस भी उपग्रहों से प्राप्त विशाल अंतरिक्ष इमेजरी डाटा को छानने के लिए AI का उपयोग कर रही है।
अनिवार्य
इस कारण जरूरी है उपग्रहाें की निगरानी
अंतरिक्ष में तीव्र गति से घूम रहा मलबा अंतरिक्ष यान के लिए घातक साबित हो सकता है। पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए 1cm या उससे बड़े आकार की 10 लाख से अधिक ऐसी वस्तुएं मौजूद हैं, जिन पर विशेषज्ञ लगातार नजर रखते हैं, ताकि टक्कर की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। भारतीय अंतरिक्ष संघ (ISPA) के महानिदेशक एके भट्ट ने कहा, "अंतरिक्ष में उपग्रहों की भीड़ बढ़ने से मलबे की निगरानी जरूरी है और AI सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।"