एडम मोसेरी ने इंस्टाग्राम पर AI से बढ़ रहे नकली कंटेंट को लेकर दी जानकारी
क्या है खबर?
इंस्टाग्राम के प्रमुख ने प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रही नकली कंटेंट को लेकर चिंता जताई है। हाल के महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से आगे बढ़ा है और अब छोटे से निर्देश पर भी फोटो और वीडियो बनाए जा सकते हैं। इससे सोशल मीडिया पर कम गुणवत्ता वाला AI कंटेंट बढ़ा है, जिसे AI स्लॉप कहा जा रहा है। इस वजह से यूजर्स के लिए असली और नकली कंटेंट में फर्क करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
डिफॉल्ट
अब कुछ भी डिफॉल्ट रूप से असली नहीं
मोसेरी ने इंस्टाग्राम पर साझा की गई 20 स्लाइड की पोस्ट में कहा कि अब किसी फोटो या वीडियो को देखकर यह मान लेना गलत होगा कि वह असली है। उन्होंने माना कि पहले लोग तस्वीरों को सच्चाई का सबूत मानते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा है। AI की वजह से कंटेंट इतना वास्तविक दिखने लगा है कि यूजर्स को हर पोस्ट पर शक करना सीखना होगा और उसके पीछे की मंशा समझनी होगी।
लेबल
AI कंटेंट पर लेबल और वेरिफिकेशन जरूरी
इंस्टाग्राम प्रमुख का कहना है कि इस चुनौती से निपटने के लिए प्लेटफॉर्म को नए कदम उठाने होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि AI से बने कंटेंट पर साफ लेबल लगाए जाएं और असली कंटेंट को वेरिफाई किया जाए, जिससे यूजर्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि वे क्या देख रहे हैं। मोसेरी के मुताबिक, सोशल मीडिया अब 'अनंत सिंथेटिक कंटेंट' के दौर में प्रवेश कर चुका है।
कंटेंट
हर AI कंटेंट गलत नहीं
हालांकि, मोसेरी ने यह भी साफ किया कि हर AI से बना कंटेंट बेकार नहीं होता है। उन्होंने कहा कि कई AI वीडियो और पोस्ट काफी रचनात्मक और उपयोगी भी हैं। AI कंटेंट ने अपनी अलग ऑडियंस बना ली है और कुछ चैनल इससे अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। फिर भी, इंस्टाग्राम का मानना है कि भरोसा बनाए रखने के लिए प्लेटफॉर्म को तेजी से बदलना और यूजर्स को जागरूक करना जरूरी है।