सूर्य से 1,500 गुना बड़े तारे में जल्द हो सकता है विस्फोट, वैज्ञानिकों ने क्या कहा?
क्या है खबर?
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि ब्रह्मांड के सबसे बड़े तारों में से एक जल्द फट सकता है। इस तारे का नाम WOH G64 है, जो खगोलविदों के लिए लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। नई रिसर्च के अनुसार, 2014 के बाद इसमें असामान्य और चिंताजनक परिवर्तन दर्ज किए गए हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह तारा अब सुपरनोवा विस्फोट के बेहद करीब पहुंच रहा हो सकता है।
परिचय
लार्ज मैगेलैनिक क्लाउड में स्थित विशाल तारा
WOH G64 लार्ज मैगेलैनिक क्लाउड नाम की बौनी गैलेक्सी में स्थित है, जो हमारी मिल्की वे गैलेक्सी के चारों ओर चक्कर लगाती रहती है। इसकी खोज 1970 के दशक में की गई थी और तभी से यह वैज्ञानिकों के अध्ययन का विषय बना हुआ है। यह तारा सूर्य से लगभग 1,500 गुना बड़ा है, जिससे यह ज्ञात ब्रह्मांड के सबसे विशाल और चमकीले तारों में शामिल है। हाल के वर्षों में इसकी विस्तृत और स्पष्ट तस्वीरें भी ली गई हैं।
बदलाव
रेड सुपरजायंट से येलो हाइपरजायंट में बदलाव
शोध के मुताबिक, पहले WOH G64 को रेड सुपरजायंट माना जाता था, लेकिन अब यह येलो हाइपरजायंट चरण में प्रवेश कर चुका है, जो दुर्लभ और अस्थिर अवस्था है। यह बदलाव दर्शाता है कि तारे के अंदर तेज़ी से भौतिक और रासायनिक प्रक्रियाएं चल रही हैं। इस चरण में तारा अपनी बाहरी परतें तेजी से खोता है और उसका तापमान व संरचना बदलती रहती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे बदलाव सुपरनोवा विस्फोट से ठीक पहले देखे जाते हैं।
कारण
संभावित कारण और आगे की निगरानी
वैज्ञानिकों ने बदलाव के कई संभावित कारण बताए हैं, जिनमें तेज गैस उत्सर्जन, भीतरी अस्थिरता और संभव साथी तारे का प्रभाव शामिल हैं। कुछ संकेत यह भी बताते हैं कि तारे के कोर में ईंधन तेजी से खत्म हो रहा है। हालांकि, विस्फोट का सही समय बताना अभी भी बेहद मुश्किल है, लेकिन इतना तय है कि इस आकार के तारे अंततः सुपरनोवा बनते ही हैं। आने वाले वर्षों में इस तारे की लगातार और बारीकी से निगरानी की जाएगी।