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78 प्रतिशत भारतीय नौकरी में टिके रहने के लिए करते हैं AI का इस्तेमाल- रिपोर्ट
78 प्रतिशत भारतीय नौकरी में टिके रहने के लिए करते हैं AI का इस्तेमाल

78 प्रतिशत भारतीय नौकरी में टिके रहने के लिए करते हैं AI का इस्तेमाल- रिपोर्ट

Apr 14, 2026
05:37 pm

क्या है खबर?

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब भविष्य नहीं बल्कि रोजमर्रा के काम का हिस्सा बन चुका है। ETS ह्यूमन प्रोग्रेस रिपोर्ट 2026 के अनुसार, देश में करीब 42 प्रतिशत काम में AI टूल्स का इस्तेमाल हो रहा है, जो वैश्विक औसत 32 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। इस आंकडें से पता चलता है कि कई कर्मचारी अपने काम का बड़ा हिस्सा AI की मदद से पूरा कर रहे हैं, जिसमें ऑटोमेशन और फैसले लेने जैसे काम शामिल हैं।

जरूरत

कॉम्पिटिशन के लिए AI जरूरी बनता जा रहा

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 78 प्रतिशत कर्मचारी AI का इस्तेमाल अपनी पसंद से नहीं बल्कि नौकरी में टिके रहने के लिए कर रहे हैं। यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर 65 प्रतिशत है। इससे साफ है कि वर्कप्लेस में बड़ा बदलाव आ रहा है और अब AI कोई अतिरिक्त स्किल नहीं बल्कि जरूरी बन चुका है। कर्मचारी लगातार खुद को अपडेट रखने के दबाव में हैं ताकि वे दूसरों से पीछे न रह जाएं।

मांग

AI स्किल्स का प्रूफ मांग रहे कर्मचारी

जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे ही कर्मचारी अपनी स्किल्स को मापने का तरीका भी ढूंढ रहे हैं। भारत में लगभग 89 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि उनकी AI स्किल्स को मापने के लिए साफ मानक तय हों। इससे वे जान सकें कि वे दूसरों के मुकाबले कहां खड़े हैं। यह दिखाता है कि लोग सिर्फ AI सीखना ही नहीं चाहते, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि उनकी काबिलियत सही स्तर पर है।

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उम्मीदें

ट्रेनिंग खर्च और सरकार से उम्मीदें

AI सीखने की बढ़ती जरूरत के साथ इसका खर्च भी बड़ी चिंता बन गया है। करीब 83 प्रतिशत कर्मचारी मानते हैं कि ट्रेनिंग महंगी है और हर कोई इसे आसानी से अफोर्ड नहीं कर सकता। वहीं 97 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि सरकार इस मामले में मदद करेगी। कुल मिलाकर अब AI सीखना कोई विकल्प नहीं रहा, बल्कि बदलते जॉब मार्केट में टिके रहने की जरूरी शर्त बन गया है।

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