बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के खिलाफ कोर्ट पहुंचीं महिला पहलवान, फैसले को दी चुनौती
क्या है खबर?
भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बृजभूषण पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली 4 महिला पहलवानों ने शुक्रवार को उनको बरी किए जाने के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अपील दाखिल की है। याचिका सुनवाई के लिए शनिवार को सुबह 10 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह के समक्ष सूचीबद्ध है।
याचिका
पहलवानों ने अपनी याचिका में क्या कहा?
महिला पहलवानों ने अपनी याचिका में कोर्ट के पहले के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि निचली कोर्ट के आदेश में "आदर्श पीड़ित मानक" को लागू किया गया था।
उन्होंने तर्क दिया गया कि निर्णय अनुचित रूप से इस रूढ़िवादी सोच पर आधारित था कि एक पीड़ित को "कैसे" व्यवहार करना चाहिए। आदेश निष्पक्ष, साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन पर आधारित नहीं था।
दावा किया गया कि आदेश रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों के गलत और चुनिंदा मूल्यांकन पर आधारित था।
मामला
53 दिन पहले आया फैसला
महिला पहलवानों ने निचली अदालत के फैसले को 53 दिन बाद चुनौती दी है। कोर्ट ने बृजभूषण और सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया था।
यह मामला 2023 में सामने आया था, जब 6 महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल थीं।
पहलवानों ने FIR दर्ज न होने पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिन प्रदर्शन किया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अप्रैल 2023 में FIR हुई थी।
केस
मामले में 32 गवाहों के हुए थे बयान
मामले में कुल 1,133 दिनों में 127 सुनवाई हुईं थी और 32 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। हालांकि, इस बीच बृजभूषण को 20 जुलाई, 2023 को जमानत मिल गई थी और वे नियमित जमानत पर रहे।
दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसके बाद कोर्ट ने 10 मई 2024 को आरोप तय किए थे। इसके बाद ट्रायल शुरू हुआ और 2 जुलाई, 2026 को फैसला सुरक्षित रखा था।
बृजभूषण को 3 अगस्त को बरी कर दिया गया।