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पश्चिम बंगाल में कैसी है TMC की वित्तीय स्थिति? ऑडिट रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत है

पश्चिम बंगाल में कैसी है TMC की वित्तीय स्थिति? ऑडिट रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Jun 16, 2026
06:44 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा से मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपनी बगावत से जूझ रही है। हालांकि, लगातार 3 बार राज्य की सत्ता में रहने के लिए TMC की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की वित्तीय लेखापरीक्षा रिपोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC की विशाल संपत्ति का खुलासा किया है। पार्टी के पास सैकड़ों करोड़ रुपयों की संपत्ति जमा है। आइए इस रिपोर्ट पर नजर डालते हैं।

विवरण

रिपोर्ट में उपलब्ध है TMC की वित्तीय स्थिति का विस्तृत विवरण

रिपोर्ट में TMC की वित्तीय स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है और इसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा है। लेखापरीक्षा रिपोर्ट में 31 मार्च, 2025 तक पार्टी की वित्तीय स्थिति का विवरण है। इसमें उस तिथि के बाद हुए किसी भी लेन-देन या घटनाक्रम को शामिल नहीं किया गया है। खुलासे में पार्टी के नकद भंडार, बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिससे TMC के वित्तीय संसाधनों के पैमाने का पता चलता है।

नकदी

बैंक खातों में जमा है 625 करोड़ रुपये से अधिक की राशि

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च, 2025 तक TMC के विभिन्न बैंक खातों में कुल 625 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा थी। यह आंकड़ा पार्टी के पास संगठनात्मक गतिविधियों, चुनाव अभियानों और परिचालन खर्चों के लिए उपलब्ध पर्याप्त धनराशि को दर्शाता है। बैंक खातों में जमा धनराशि के अतिरिक्त, पार्टी के पास 250 करोड़ रुपये से अधिक की सावधि जमा भी थी। इस तरह TMC की बैंकों में कुल जमा धनराशि 876 करोड़ रुपये से अधिक है।

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खुलासा

पर्याप्त मात्रा में नकदी भंडार भी दर्ज

ऑडिट रिपोर्ट में बड़ी मात्रा में नकदी और चेक जमा होने का भी उल्लेख है। खुलासों के अनुसार, पार्टी मुख्यालय में 50 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के केंद्रीय और क्षेत्रीय कार्यालयों में 31.28 लाख रुपये की नकदी दर्ज की गई है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि बैंक जमा के अलावा, पार्टी ने बड़ी मात्रा में तरल संपत्ति भी रखी हुई थी। इस संपत्ति का इस्तेमाल पार्टी की विभिन्न गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

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रिपोर्ट

राजनीतिक दलों की लेखापरीक्षा रिपोर्टों से क्या पता चलता है?

राजनीतिक दलों की लेखापरीक्षा रिपोर्टें महत्वपूर्ण सार्वजनिक दस्तावेज हैं जो आय, संपत्ति, व्यय और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में पारदर्शिता प्रदान करती हैं। ऐसी रिपोर्ट मतदाताओं, नियामकों और विश्लेषकों को राजनीतिक संगठनों की वित्तीय स्थिति को समझने और दलों द्वारा अपने संसाधनों के प्रबंधन का आकलन करने में मदद करती हैं। वित्तीय खुलासे तेजी से सार्वजनिक जांच का विषय बन गए हैं, विशेष रूप से जब से चुनाव खर्च और अभियान वित्तपोषण राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

सफर

TMC का 1998 से अब तक का सफर

TMC की स्थापना 1 जनवरी, 1998 को बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होने के बाद की थी। इन वर्षों के दौरान TMC पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी। पार्टी ने 2011 के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की, जब उसने राज्य में वाम मोर्चे के लंबे समय से चले आ रहे शासन को समाप्त करते हुए सरकार बनाई। इसके बाद बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं और कई बार राज्य का नेतृत्व किया।

पतन

TMC को विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार

4 मई को आए विधानसभा चुनाव परिणाम में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। इसी के साथ पार्टी पहली बार राज्य में सत्ता बनाने की ओर बढ़ी। चुनाव में TMC केवल 80 सीटें ही हासिल कर पाई। पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले 133 सीटों का नुकसान हुआ। यहां तक कि खुद बनर्जी अपनी दोनों सीटों पर चुनाव हार गईं। उन्हें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हराया। उसके बाद से पार्टी में बगावत का दौर शुरू हो गया।

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