पश्चिम बंगाल से कुल 91 लाख मतदाता हटाए गए, चुनाव आयोग की जिलेवार सूची जारी
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल में हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 91 लाख मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है। आयोग ने पहली बार नाम हटाने की जिलेवार सूची भी जारी की है। बंगाल में SIR को 3 चरणों में पूरा किया गया है, जिसमें प्रारंभिक मसौदा सूची तैयार करना और उसके बाद अंतिम सूची प्रकाशित की गई थी। हालांकि, न्यायिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और विस्तृत जांच के साथ यह तीन चरणों में पहुंच गया।
मतदाता
कब कितने मतदाता हटाए गए
दिसंबर 2025 में चुनाव आयोग ने प्रारंभिक मसौदा सूची जारी की थी, जिसमें 58.2 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए थे। इसके बाद, दावे और आपत्तियों का क्रम शुरू हुआ और उनके समाधान के बाद जो अंतिम सूची जारी की गई, उसमें 5.46 लाख लोगों के और नाम हटाए गए। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर न्यायिक अधिकारियों ने जांच के बाद 27 लाख से अधिक नाम हटा दिए हैं, जिससे यह संख्या करीब 91 लाख पहुंच गई है।
जिला
मुर्शिदाबाद में हटाए गए सबसे अधिक मतदाता
बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से पता चला कि न्यायिक जांच के दौरान सबसे अधिक मतदाता 4.55 लाख मुर्शिदाबाद से हटाए गए हैं, जो अल्पसंख्यक बहुल जिला है। इसके बाद उत्तर 24 परगना में 3.25 लाख और अल्पसंख्यक बहुल जिले मालदा में 2.39 लाख नाम हटाए गए हैं। बताया जा रहा है कि न्यायिक जांच में जिन मतदाताओं के नाम "बहिष्करणीय" पाए गए हैं, वे 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों में किसी एक में छूट के लिए आवेदन कर सकेंगे।
चुनाव
SIR से पहले 7.66 करोड़ थी मतदाताओं की संख्या
पिछले साल नवंबर में बंगाल में SIR शुरू होने से पहले, राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7,66,37,529 थी। तीन चरणों में 90,83,345 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। कुल 22,163 मामलों में न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया बाकी है, जिसके पूरे होने पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या बढ़ सकती है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23-29 अप्रैल को होगा। पहले चरण में 152 और दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा। परिणाम 4 मई को आएंगे।