पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा के इन 5 वादों ने चलाई बदलाव की लहर
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है। इसमें भाजपा शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रचंड जीत की ओर बढ़ रही है। भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया और 202 सीटों पर आगे चल रही है। इसके उलट तृणमूल कांग्रेस (TMC) केवल 85 सीटों पर आगे हैं। इस तरह भाजपा पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता हासिल करने की ओर बढ़ गई है। आइए भाजपा के उन 5 वादों पर नजर डालते हैं, जिन्होंने बदलाव की लहर चलाई।
#1
घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकालने का वादा
भाजपा ने चुनाव प्रचार में बार-बार घुसपैठ का मुद्दा उठाया और राज्य में रहने वाले अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने का वादा किया। इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जोड़कर पेश किया गया। पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में बड़ी संख्या में घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं और स्थानीय निवासियों को उनसे दिक्कत महसूस होती थी। ऐसे में भाजपा के इस वादे ने काफी काम किया।
#2
प्रदेश की जनता के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का वादा
भाजपा ने चुनाव प्रचार में कई जनकल्याणकारी योजनाओं का वादा किया। इसमें गरीबों, किसानों और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं शामिल थीं। इसके साथ ही वादा किया किया कि सरकार बनने पर राज्य की हर महिला के बैंक खाते में 3,000 रुपए भेजे जाएंगे। इसी तरह बेरोजगार युवाओं के खातों में भी हर महीने 3,000 रुपए जमा कराने का वादा किया था। इन वादों ने राज्य की महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को भाजपा की ओर आकर्षित करने काम किया।
#3
राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का वादा
कानून-व्यवस्था का मुद्दा भाजपा के प्रचार का अहम हिस्सा रहा। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के बलात्कार और हत्या के मामले ने पश्चिम बंगाल की छवि न सिर्फ पूरे देश में खराब की, बल्कि सूबे में भी इसे लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। ऐसे ही मामलों की नजीर देते हुए भाजपा ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ उत्तर प्रदेश मॉडल लागू करने का वादा किया।
जानकारी
अमित शाह ने TMC पर बोला था हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने TMC कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी पर भी लगाम कसने और उन्हें उल्टा लटकाकर सीधा करने का वादा किया था। इस मुद्दे ने खासकर शहरी और मध्यम वर्ग के मतदाताओं को भाजपा की ओर मोड़ दिया।
#4
राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने का वादा
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा भाजपा ने जोर-शोर से किया। पार्टी ने कहा कि सरकारी योजनाओं में हो रही गड़बड़ियों और घोटालों पर रोक लगाई जाएगी। भाजपा नेताओं ने लगातार पारदर्शिता बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया। पार्टी ने TMC पर 'सिंडिकेट राज' चलाने का आरोप लगाया और कहा कि 5 तारीख को भाजपा की सरकार बनते ही राज्य में TMC के सभी सिंडिकेट खत्म कर दिए जाएंगे।
#5
उद्योग-धंधों को वापस लाने का वादा
भाजपा ने राज्य में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बंगाल में बंद हो चुके उद्योगों को फिर से शुरू करने और नए निवेशकों को आकर्षित करने का वादा किया था। भाजपा ने बार-बार कहा कि उद्योग धंधे आने से सूबे में नौजवानों को रोजगार मिलेगा और बेरोजगारी में कमी आएगी। युवाओं और व्यापार से जुड़े लोगों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा। इसी तरह किसानों को उपज के उचित लाभ का भी वादा किया।