
दिल्ली हिंसा: केजरीवाल के घर का घेराव कर रहे छात्रों पर वॉटर कैनन का प्रयोग
क्या है खबर?
मंगलवार देर रात जामिया मिलिया इस्लामिया के मौजूदा और पूर्व छात्रों ने दिल्ली में तीन दिन से चल रही हिंसा के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर का घेराव किया।
छात्रों ने केजरीवाल से हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रभावित इलाकों में शांति मार्च निकालने की मांग की।
पुलिस ने वॉटर कैनन का प्रयोग कर छात्रों को तितर-बितर किया। वहीं कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। आज सुबह इन सभी को रिहा कर दिया गया।
पृष्ठभूमि
रविवार से सुलग रही है उत्तर-पूर्व दिल्ली
गौरतलब है कि उत्तर-पूर्व दिल्ली के कई इलाकों में रविवार से नागरिकता कानून (CAA) के विरोधियों और समर्थकों के बीच हिंसा हो रही है।
जाफराबाद में लगभग 500 महिलाओं के CAA के खिलाफ एक मुख्य सड़क पर धरने पर बैठने के बाद इस तनाव की शुरूआत हुई थी।
रविवार को भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने CAA समर्थकों से इस प्रदर्शन के खिलाफ जाफरबाद के पास स्थित मौजपुर चौक पर इकट्ठा होने का आह्वान किया और तभी से हिंसा जारी है।
हिंसा
हिंसा में अब तक 17 लोगों की मौत, 190 से अधिक घायल
इस हिंसा में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 190 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में दिल्ली पुलिस के हेड कॉस्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं।
हिंसा के दौरान उग्र भीड़ ने कई वाहनों, घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। भजनपुरा में एक पेट्रोल पंप में भी आग लगा दी गई।
पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अर्धसैनिक बल स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं।
बैठकें
मंगलवार को दिन भर चलता रहा बैठकों का दौर
हिंसा के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिन भर कई बैठके कीं। शाम को बयान जारी करते हुए उन्होंने सभी नेताओं से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दिल्ली में शांति बहाल करने में मदद की अपील की।
शाह ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ भी बैठक की। केजरीवाल ने अपने स्तर पर भी कई बैठकें कीं और शाम को राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर शांति प्रार्थना की।
घेराव
शांति बहाल के प्रयासों से असंतुष्ट छात्रों ने किया प्रदर्शन
लेकिन जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र शांति बहाल करने के लिए केजरीवाल के प्रयासों से संतुष्ट नजर नहीं आए और जामिया कॉ-ऑर्डिनेशन कमिटी (JCC) और जामिया मिलिया इस्लामिया पूर्व छात्र संघ (AAJMI) ने केजरीवाल के घर का घेराव करने का आह्वान किया।
इसके बाद मंगलवार देर रात कई लोग केजरीवाल के घर के बाहर इकट्ठा हो गए और खुद को चिंतित नागरिक बताते हुए हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शन
केजरीवाल से हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने की अपील
प्रदर्शनकारी छात्रों ने केजरीवाल से स्थानीय विधायकों के साथ हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करने और तनाव कम करने के लिए शांति मार्च करने की अपील भी की।
शांति बहाल करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में लोगों को सूचित करने की मांग भी की गई।
बुधवार सुबह लगभग 3:30 बजे पुलिस ने वॉटर कैनन का प्रयोग करते हुए इस प्रदर्शन का अंत किया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
नारेबाजी
रतनलाल के घर जा रहे थे केजरीवाल, नारेबाजी के कारण लौटना पड़ा
इससे पहले केजरीवाल ने शहीद हेड कांस्टेबल रतनलाल के घर जाने का प्रयास भी किया, लेकिन कुछ लोगों की नारेबाजी के कारण उनके काफिले को मोड़ना पड़ा।
जिस समय रतनलाल का पार्थिव शव उनके घर लाया गया, तब केजरीवाल उनके घर जाना चाहते थे।
केजरीवाल के रास्ते से वापस लौटने की खबर मिलने पर रतनलाल के परिजनों और लोगों में इसे लेकर नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने सड़क जाम कर दी। आधे घंटे बाद इसे खाली कराया गया।