उत्तर प्रदेश में मंत्री और अधिकारी RSS-भाजपा पदाधिकारियों की भी नहीं सुन रहे, मुख्यमंत्री ने फटकारा
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश में मंत्री और अधिकारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के पदाधिकारियों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे है। यह खुलासा 6 क्षेत्रों में आयोजित संगठनात्मक समन्वय बैठकों के दौरान मिली प्रतिक्रिया से हुआ है। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सरकार और पार्टी के बीच पढ़ती खाई को उजागर किया है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को कार्यकर्ताओं की शिकायतों को प्राथमिकता देने और जमीनी स्तर पर जवाबदेही बहाल करने का निर्देश दिया है।
शिकायत
बिजली-पानी की भी सुनवाई नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में कार्यकर्ताओं ने बताया कि स्थानीय सड़कों की मरम्मत, बिजली कनेक्शन या जल आपूर्ति जैसी बुनियादी चीजों के लिए भी सुनवाई नहीं हो रही है। एक पार्टी पदाधिकारी ने नेतृत्व को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "लोग अपनी समस्याएं लेकर हमारे पास आते हैं, लेकिन हम छोटे-मोटे काम भी नहीं करवा पाते। हमें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भागना पड़ता है।" पदाधिकारियों ने बताया कि पुलिस विभाग भी शिकायतों पर ध्यान न देकर धमकाते हैं।
निर्देश
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को नियमित दौरा बढ़ाने को कहा
शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी ने जिला प्रभारी मंत्रियों से नियमित रूप से दौरा करने, जिला, सेक्टर और ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करने और शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान में कोई देरी नहीं होनी चाहिए, जहां भी लापरवाही पाई जाए, जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने जिला अधिकारियों को भी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।