
त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष की गाड़ी पर हमला, भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप
क्या है खबर?
त्रिपुरा के कांग्रेस प्रमुख पीजूष बिस्वास की गाड़ी हुए आज सुबह हमला हुआ था।
इसमें उन्होंने मामूली चोटें आईं थी, जिनके इलाज के लिए उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
बिस्वास ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस के मौजूदगी के बावजूद उसके कार्यकर्ताओं ने इस हमले को अंजाम दिया था।
फिलहाल उनका इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
घटना
पार्टी के दफ्तर के बाहर हुआ हमला
NDTV से बात करते हुए बिस्वास ने बताया कि विशालगढ़ में कांग्रेस के दफ्तर के बाहर यह हमला हुआ था। वो पार्टी की एक बैठक में शामिल होने के लिए राजधानी अगरतला से लगभग 20 किलोमीटर दूर इस दफ्तर में जा रहे थे।
बिस्वास ने बताया कि हमले के बाद उन्होंने इस संबंध में पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। माना जा रहा है कि पार्टी की राज्य इकाई के वरिष्ठ नेता इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।
जानकारी
हमले में चकनाचूर हुए बिस्वास की गाड़ी के शीशे
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बिस्वास की गाड़ी के शीशे पूरी तरह टूटे हुए हैं। कांच के टुकड़े गाड़ी की सीटों पर बिखरे हुए हैं। कांग्रेस ने इस हमले के विरोध में सोमवार को राज्य में 12 घंटे का बंद बुलाया है।
ट्विटर पोस्ट
हमले के बाद क्षतिग्रस्त गाड़ी का तस्वीरें
Tripura: Vehicle of State Congress president Pijush Kanti Biswas was attacked allegedly by BJP workers in Bisalghar area of Sipahijala district today.
— ANI (@ANI) January 17, 2021
In protest, Congress has called for a 12-hour state-wide bandh on Monday. pic.twitter.com/WfOHRqgYA0
जानकारी
बीते महीने त्रिपुरा के कांग्रेस प्रमुख बनाए गए थे बिस्वास
बिस्वास को पिछले महीने प्रद्योत देव बर्मन के इस्तीफे के बाद त्रिपुरा कांग्रेस का प्रमुख पद सौंपा गया था।
पद संभालने के बाद से ही बिस्वास कांग्रेस को सक्रिय करने में जुट गए हैं। बीते कुछ दिनों में उन्हें पूरे राज्य का दौरा कर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से मुलाकात की है।
शुक्रवार को उन्होंने कृषि कानूनों के विरोध में एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए राज्यपाल के आवास तक मार्च किया था।
दूसरी घटना
बीते महीने CPI (M) ने लगाया था भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप
पिछले महीने विपक्ष के नेता मणिक सरकार ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर CPI (M) के कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया था। सरकार का कहना था कि जब CPI कार्यकर्ता किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए सभा का आयोजन कर रहे थे, तभी भाजपा कार्यकर्ता ने योजनाबद्ध तरीके से उन पर हमला किया।
हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि CPI (M) के कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया था।