TMC में चल रहा उथल-पुथल का दौर, जानिए किस तरह से बिखर रही है पार्टी
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में उथल-पुथल शुरू हो गई। TMC नेता फोन बंद करने के साथ बिना बताए दिल्ली का दौरा कर रहे हैं। इसने बड़ी हलचल शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि TMC के 20 से अधिक सांसद भाजपा के संपर्क में है और पाला बदलने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में TMC के लिए अपने नेताओं का एकजुट रखना बड़ी चुनौती बन गया है।
मुलाकात
TMC के सांसद ने दिल्ली पहुंचकर की बड़ी बैठकें
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, TMC के एक वरिष्ठ सांसद को रविवार शाम शाम मुंबई से कोलकाता जाना था, लेकिन वह बीच में ही कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार, राजधानी में उन कुछ घंटों के दौरान सांसद ने बिना किसी को बताए कुछ लोगों से गुप्त मुलाकात भी की। इस नेता की खुले तौर पर पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन कहा जा रहा है कि उनका कोलकाता के आसपास के जिलों में विशेष प्रभाव है।
उद्देश्य
क्या है TMC सांसद की दिल्ली में की गई बैठकों का उद्देश्य?
सूत्रों के अनुसार, TMC सांसद की दिल्ली में हुई बैठक का उद्देश्य उन खबरों पर पार्टी की कार्ययोजना पर चर्चा करना था, जिनमें कहा गया था कि TMC के 20 सांसद पार्टी नेतृत्व के खिलाफ पत्र लिखने के लिए समर्थन जुटा रहे थे। सूत्रों ने इससे पहले NDTV को बताया था कि TMC के 41 सांसदों (दोनों सदनों सहित) में से कम से कम 20 भाजपा के संपर्क में हैं और जल्द ही पाला बदलने की योजना बना रहे हैं।
समर्थन
TMC के 60 विधायक कर रहे बागी गुट का समर्थन
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने चुनाव में मिली करारी हार के बाद इसके लगभग 80 विधायकों में से 60 विधायक सांसद ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का समर्थन कर रहे थे और उन्होंने स्पष्ट विरोध जताते हुए पार्टी की कई गतिविधियों में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। यह विरोध न केवल शारीरिक उपस्थिति में, बल्कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को संबोधित करने के उनके तरीके में भी परिलक्षित हुआ है।
जानकारी
पार्टी नेता ही कर रहे बनर्जी का अपमान
दशकों से अपने नेताओं द्वारा 'दीदी' या बड़ी बहन के रूप में पूजी जाने वाली बनर्जी को अब उनके पहले नाम से संबोधित किया जा रहा है, जो भारतीय संदर्भ में बड़ा अपमान है। खेल जगत से जुड़े एक सांसद ने इसकी पुष्टि की है।
अस्वीकृति
फोन बंद कर भी अस्वीकृति दे रहे हैं सांसद
उत्तर 24 परगना की एक सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले एक अन्य सांसद ने 24 घंटे से अधिक समय तक अपना फोन बंद रखा है। वह विधानसभा चुनाव में टिकट न दिए जाने से खासे नाराज हैं। सूत्रों के अनुसार, यह बिना एक शब्द बोले असहमति व्यक्त करने का उनका तरीका है। हालांकि, यह काकोली घोष दस्तीदार नहीं हैं। दस्तीदार ने सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट बैठक में भाग लेकर और एक सहकर्मी पर कटाक्ष करके लोगों को चौंका दिया था।
इस्तीफा
राज्यसभा सांसद सुखेंदु राय ने दिया इस्तीफा
इस उथल-पुथल के बीच TMC के एक दशक से अधिक समय तक राज्यसभा में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को सांसद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। बनर्जी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, 'बंगाल की जनता ने पार्टी के व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं के उत्पीड़न, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में व्याप्त गंभीर अराजकता को अस्वीकार कर दिया है।'
तारीफ
सुखेंदु ने की भाजपा की तारीफ
सुखेंदु भाजपा की प्रशंसा करते हुए लिखा, 'बंगाल के इतिहास में पहली बार मतदाताओं ने भाजपा को सीटों के मामले में भारी जीत दिलाई है। नव निर्वाचित सरकार ने अपने चुनावी वादों के अनुरूप बंगाल के समग्र विकास और पुनर्निर्माण के लिए कई कार्यक्रमों को लागू करने का काम शुरू कर दिया है।' सुखेंदु ने यह पत्र तब भेजा जब वह दिल्ली में थे और एक भारतीय गठबंधन बनाने की पुरजोर कोशिश कर रही थे।