चुनाव आयोग ने आयुक्तों के मतभेद की खबरों के बीच जारी किया बयान, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने शनिवार को नई दिल्ली के निर्वाचन सदन में एक बैठक की। यह बैठक उन खबरों के बाद हुई है जिनमें दावा किया गया था कि संधू और जोशी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों पर बार-बार आपत्ति जताई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए एक बयान जारी किया।
बयान
आयोग ने क्या जारी किया बयान?
शनिवार को जारी चुनाव आयोग की प्रेस विज्ञप्ति में 3 मुख्य मुद्दों को संबोधित किया गया।
इनमें नए मतदाताओं का नामांकन, SIR की तारीखों को आगे बढ़ाना और 23 सितंबर की 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दे। प्रेस विज्ञप्ति में तीनों सदस्यों की एक साथ वाली तस्वीर भी शामिल की गई।
इसमें आयोग के आंतरिक कामकाज को स्पष्ट किया गया और कैबिनेट सचिव को संधू और जोशी द्वारा लिखे गए एक पत्र का जवाब भी दिया गया।
प्रकरण
आंतरिक मतभेदों की खबरों के बाद आई प्रेस विज्ञप्ति
यह प्रेस विज्ञप्ति SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों की खबरों के बाद आई है।
खबरों के मुताबिक, संधू और जोशी ने इस प्रक्रिया से जुड़े कई फैसलों पर आपत्तियां उठाई थीं। ऐसे में यह प्रेस विज्ञप्ति पूरे मामले में उसकी स्थिति को स्पष्ट करने का एक प्रयास है।
यह SIR, आयोग के आंतरिक कामकाज और कैबिनेट सचिव को संधू और जोशी द्वारा लिखे गए पत्र को भी संबोधित करने का प्रयास है।
निर्णय
बैठक के दौरान लिए गए निर्णय
प्रेस विज्ञप्ति में SIR अभ्यास के आलोक में निर्णय लेने की प्रक्रिया की ओर इशारा करते हुए विभिन्न उप-बिन्दुओं के साथ चार बिन्दुओं का विवरण दिया गया।
हालांकि, इसमें तीसरे बिन्दु का दूसरा उप-बिन्दु विशेष रूप से ध्यान देने योग्य था, जिसमें लिखा था, 'बिहार से शुरू होकर, उसके बाद पश्चिम बंगाल और 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 24 जून, 2025 को जारी SIR आदेश आयोग की सर्वसम्मत स्वीकृति के साथ जारी किया गया था।'