पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाडी का 81 वर्ष की उम्र में निधन
क्या है खबर?
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाडी का मंगलवार तड़के 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका पुणे में दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में इलाज चल रहा था। कलमाडी के कार्यालय ने आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि लंबी बीमारी के बाद उन्होंने सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर पुणे के एरंडवाने स्थित कलमाडी हाउस में दोपहर 2 बजे तक रखा जाएगा और अंतिम संस्कार नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशानभूमि में होगा।
निधन
कांग्रेस से निलंबन के बाद एकांतवास में थे कलमाडी
पुणे से पूर्व सांसद और रेल राज्य मंत्री रहे कलमाडी ने भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष का काम भी संभाला था। उनको 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ खेल घोटाले के आरोप में 2011 में कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद से कलमाडी एकांतवास में थे और राजनीति से दूर थे। हालांकि, घोटाले से जुड़े अधिकतर मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया था। केवल एक मामला लंबित था।
विकास
पुणे के विकास के लिए याद करती है जनता
कांग्रेस प्रवक्ता रमेश अय्यर का कहना है कि कलमाडी को पुणे का वास्तविक विकास करने के लिए जाना जाता है। वर्ष 1992 में जब कलमाडी पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, तब उनके साथ युवा पार्षदों की टीम पुणे नगर निगम के लिए चुनी गई थी। उन्होंने कई विकास परियोजनाएं लागू कीं और 1992 में पुणे में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से शहर को गति मिली। उनके सक्रिय राजनीति से हटने के बाद पुणे में कांग्रेस का पतन हुआ।
परिचय
राजनीति से पहले वायुसेना में थे कलमाडी
कलमाडी राजनीति में आने से पहले वायुसेना में थे। वे 1960 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में शामिल हुए और पायलट बने। वे 1972-1974 तक NDA की वायु सेना प्रशिक्षण टीम में प्रशिक्षक बने और स्क्वाड्रन लीडर के रूप में सेवानिवृत्त हुए। कलमाडी ने भारतीय युवा कांग्रेस की बागडोर संभाली और पहली बार 1980 में राज्यसभा गए। इसके बाद 1986 और 1992 में भी सदस्य रहे। वे पहली बार 1996, फिर 2004 और 2009 में लोकसभा सांसद बने थे।