सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को झटका, अग्रिम जमानत पर रोक लगाई
क्या है खबर?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है। कोर्ट ने बुधवार को तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें खेड़ा को पारगमन अग्रिम जमानत दी गई थी। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और ए एस चंदुरकर की पीठ ने खेड़ा द्वारा तेलंगाना हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर करने पर आपत्ति जताई है।
सुनवाई
असम पुलिस ने क्या तर्क दिया?
असम पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "उन्होंने पृष्ठ 98 पर आधार कार्ड दिया है। उनकी पत्नी दिल्ली में रहती है। वह दोनों कार्ड प्रस्तुत करते हैं। इससे पता चलता है कि उनकी पत्नी भी दिल्ली में रहती हैं। वह कभी-कभी यात्रा करते हैं। क्या यह कानून है? कोई व्यक्ति 10 अलग-अलग राज्यों में 10 संपत्तियां खरीद या किराए पर ले सकता है। यह फोरम चुनने के दायरे में आएगा। यह कानून का दुरुपयोग है।"
फैसला
कोर्ट ने क्या कहा?
इस पर कोर्ट ने कहा, "आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। आधार कार्ड के पहले पृष्ठ पर प्रतिवादी नंबर 1 का नाम है, जबकि पिछले पृष्ठ पर उसकी पत्नी का पता अंकित है। इस प्रकार, जाली दस्तावेज प्रस्तुत करके प्रतिवादी ने तेलंगाना हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र का लाभ उठाया है।" कोर्ट ने कहा कि नोटिस जारी किया जाए और विवादित आदेश पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने नोटिस का जवाब 3 सप्ताह में देने को कहा है।
जानकारी
अगर असम में जमानत याचिका दायर की तो
कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता असम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करता है, तो इस कोर्ट के द्वारा पारित आदेश का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। आदेश के बाद अब खेड़ा को असम कोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ सकती है।
मामला
क्या है मामला?
असम में चुनाव से 2 दिन पहले कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास 3 मुस्लिम देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने सरमा परिवार के पास दुबई में संपत्ति और अमेरिका में 52,000 करोड़ रुपये की कंपनी का दावा किया। रिनिकी की FIR पर असम पुलिस खेड़ा को गिरफ्तार करने दिल्ली पहुंची थी। खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से 10 अप्रैल को जमानत मिली थी।