अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ CBI जांच के आदेश, जानिए क्या है आरोप
क्या है खबर?
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेकों में हेराफेरी के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। यह आदेश सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिए। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारी की पीठ ने कहा कि CBI को दो सप्ताह में जांच शुरू करनी चाहिए। कोर्ट ने जांच में जनवरी 2015 से दिसंबर 2025 तक सार्वजनिक निर्माण अनुबंधों और कार्य आदेशों के निष्पादन को शामिल करने को कहा है।
आरोप
CBI को बाहर के लेन-देन की जांच करने की भी छूट
बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने आदेश दिया है कि CBI 2015 से 2025 की अवधि के दौरान बाहर के लेन-देन की जांच भी कर सकती है। कोर्ट ने कहा, "अरुणाचल प्रदेश CBI जांच में सहयोग करेगा। राज्य के मुख्य सचिव CBI के साथ समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। राज्य सुनिश्चित करेगा कि कोई रिकॉर्ड नष्ट न हो।" पीठ ने CBI को 16 सप्ताह के भीतर अदालत के समक्ष स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
मामला
क्या है मामला?
गैर-सरकारी संगठन सेव मोन रीजन फेडरेशन ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पेमा खांडू की सरकार ने निविदाओं से 1,245 करोड़ की विकास परियोजनाएं आवंटित की और 25 करोड़ के कार्य आदेश जारी किए थे। सबूत दिए कि सरकारी ठेकों का आवंटन मुख्यमंत्री की प्रत्यक्ष जानकारी, सहमति और सक्रिय समर्थन से मुख्यमंत्री के परिवार और उनके करीबी सहयोगियों की कंपनियों को मिला। आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री खांडू प्रदेश को एक निजी कंपनी की तरह चला रहे हैं।