
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ ताल ठोकने वाले पूर्व BSF जवान तेज बहादुर का नामांकन रद्द
क्या है खबर?
चुनाव आयोग ने वाराणसी से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द कर दिया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि जरूर दस्तावेज समय पर जमा न करने के कारण उनका नामांकन रद्द किया गया है।
वहीं, तेज बहादुर का कहना है कि उनका नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया और उन्होंने जरूरी दस्तावेज समय पर जमा कर दिए थे।
यादव ने नामांकन रद्द होने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया है।
जानकारी
तेज बहादुर ने उठाया था जवानों को खराब खाना मिलने का मुद्दा
तेज बहादुर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान रहे हैं और उन्होंने जवानों को मिलने वाले खराब खाने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए थे। अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें BSF से बाहर निकाल दिया गया था।
ट्विटर पोस्ट
सपा उम्मीदवार तेज बहादुर का नामांकन रद्द
Samajwadi Party candidate Tej Bahadur Yadav’s nomination for Varanasi rejected, he says, "will go to Supreme Court." pic.twitter.com/t6asrStAyC
— ANI UP (@ANINewsUP) May 1, 2019
मामला
क्या है पूरा मामला?
तेज बहादुर ने लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टक्कर देने का फैसला लेते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 24 अप्रैल को पहला नामांकन दाखिल किया था।
इसमें उन्होंने खुद को BSF से निकाले जाने की जानकारी दी थी।
इसके बाद सपा ने वाराणसी से अपनी उम्मीदवार शालिनी यादव का टिकट काटते हुए यादव को टिकट दे दिया तो उन्होंने 29 अप्रैल को दोबारा नामांकन दाखिल किया, लेकिन इस बार BSF से निकाले जाने की जानकारी नहीं दी।
जानकारी
BSF से NOC भी मांगा गया
चुनाव आयोग ने दोनों नामांकन में अंतर होने पर यादव से स्पष्टीकरण मांगा था। इसके अलावा उन्हें BSF की तरफ से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जमा करने को भी कहा गया था, जिसमें उन्हें सेवाओं से निकाले जाने का कारण भी बताना था।
कारण
जिलाधिकारी ने कहा, सुबह 11 बजे से पहले नहीं जमा हुए दस्तावेज
इसके बाद आज तेज बहादुर का नामांकन रद्द हो गया।
वाराणसी के जिलाधिकारी ने मामले पर बयान देते हुए कहा, "एक व्यक्ति जिसे पिछले 5 साल के अंदर राज्य या केंद्र सरकार की सेवाओं से निकाला गया हो, उसे चुनाव आयोग से एक प्रमाणपत्र हासिल करना होता है, जिसमें लिखा होता है कि उसे निष्ठाहीनता या भ्रष्टाचार के कारण नहीं निकाला गया था। प्रमाणपत्र सुबह 11 बजे से पहले जमा नहीं हुआ, इसलिए नामांकन को रद्द कर दिया गया।"
ट्विटर पोस्ट
दस्तावेज जमा करने में देरी रद्द होने का कारण
DM Varanasi:A person who has been dismissed from service from state or central govt within last 5 yrs has to obtain a certificate from EC stating he/she hasn't been dismissed due to disloyalty or corruption.Certificate wasn't produced before 11am, so, the nomination was rejected pic.twitter.com/Intq2S9Kpc
— ANI UP (@ANINewsUP) May 1, 2019
तेज बहादुर की दलील
तेज बहादुर ने कहा, समय पर जमा किए दस्तावेज
वहीं, तेज बहादुर का कहना है कि उन्होंने सभी दस्तावेज समय पर जमा कर दिए थे।
अपने बयान में उन्होंने कहा, "मेरे नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया है, जबकि मैंने BSF से NOC जमा कर दिया था। मुझे कल शाम 6:15 बजे सबूत जमा करने को कहा गया और मैंने सुबह 11 बजे से पहले इसे जमा कर दिया। इसके बावजूद मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया। हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।"
प्रतिक्रिया
अखिलेश ने कहा, मोदी को एक सैनिक का सामना करना चाहिए
अपने उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा, "जब वो राष्ट्रवाद के नाम पर वोट मांग रहे हैं, तो उन्हें एक सैनिक का सामना करना चाहिए था। जिन लोगों ने उसे नौकरी से इसलिए निकाल दिया क्योंकि उसके खाने की शिकायत की, वह देशभक्त कैसे हो सकते हैं?"
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि मोदी एक जवान से डर गए हैं।
ट्विटर पोस्ट
केजरीवाल ने कहा- मोदी कमजोर निकले, देश का जवान जीत गया
इतिहास में ऐसे कम मौक़े होंगे जब उस देश का जवान अपने PM को चुनौती देने को मजबूर हो
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 1, 2019
पर इतिहास में ये पहला मौक़ा है कि एक PM एक जवान से इस क़द्र डर जाए कि उसका मुक़ाबला करने की बजाए तकनीकी ग़लतियाँ निकाल कर नामांकन रद्द करा दे
मोदी जी, आप तो बहुत कमज़ोर निकले। देश का जवान जीत गया https://t.co/Bwb9qJEmyf