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वरुण गांधी और स्मृति ईरानी की हो सकती है संसद वापसी, उत्तर प्रदेश से जाएंगे राज्यसभा 
स्मृति ईरानी और वरुण गांधी की हो सकती है संसद वापसी

वरुण गांधी और स्मृति ईरानी की हो सकती है संसद वापसी, उत्तर प्रदेश से जाएंगे राज्यसभा 

लेखन गजेंद्र
Sep 29, 2026
11:56 am

क्या है खबर?

उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की 10 खाली सीटों के लिए मंगलवार 29 सितंबर से नामांकन शुरू हो गए हैं, जिसके लिए भाजपा और समाजवादी पार्टी (SP) अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर रही है। इस बीच, कई मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा है कि भाजपा अपनी राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद स्मृति ईरानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेज सकता है। समाजवादी पार्टी भी 3 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करेगी। राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर को होना है।

चुनाव

भाजपा की ओर से संभावित नाम सामने आए

भाजपा की ओर से संभावित तौर पर स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, रेखा वर्मा, गीता शाक्य, राजवीर सिंह, प्रियंका रावत, कौशल किशोर, हरदीप पुरी, बृजलाल, प्रकाश पाल और दुर्विजय शाक्य का नाम सामने आया है।

गीता शाक्य और बीएल वर्मा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वर्मा केंद्र में मंत्री हैं, ऐसे में वे फिर चुने जा सकते हैं। पिछड़ा वर्ग से प्रकाश पाल और रेखा वर्मा का नाम चर्चा में है।

चर्चा

दलित नेता पर भी दांव

केद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, लेकिन अगले साल पंजाब चुनाव की वजह से उनकी वापसी हो सकती है।

दलित नेता बृजलाल की जगह भाजपा मोहनलालगंज से पूर्व सांसद कौशल किशोर को राज्यसभा भेज सकती है। जाट नेता के तौर पर पूर्व मंत्री संजीव बलियान और पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह का नाम सामने हैं।

इस बार वरुण गांधी के नाम पर भी विचार है। अमित मालवीय को भी राज्यसभा भेजा जा सकता है।

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समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी किसको भेजेगी राज्यसभा?

SP एक बार फिर अपने वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव को राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है।

पूर्व IAS अधिकारी आलोक रंजन और सलीम इकबाल के नाम भी चर्चा में हैं, जो संकेत देते हैं कि पार्टी चुनावी मैदान के लिए तैयार है।

किसी दलित और पिछड़ा वर्ग का उम्मीदवार का नाम चर्चा में न होने से पार्टी में विरोध भी दिख रहा है। हालांकि, पार्टी ने अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।

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टक्कर

एक सीट के लिए कड़ी टक्कर

उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीट हैं, जिसमें अभी 396 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों का वोट चाहिए।

भाजपा के पास 255 विधायक हैं। वह अकेले 7 सीट जीत सकती है। इसके बाद उसके पास 33 अतिरिक्त विधायक बचेंगे। भाजपा आठवीं सीट के लिए उम्मीदवार उतारेगी।

SP के पास 101 विधायक हैं, वह 2 सीट आसानी से जीतेगी। इसके बाद 29 विधायक बचेंगे। वह तीसरे उम्मीदवार के लिए लड़ेगी। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावना है।

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