6 राज्यों में पूरा हुआ SIR, गुजरात में मतदाता सूची से हटाए गए 68.12 लाख नाम
क्या है खबर?
देश के 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम पूरा हो चुका है। इसमें मतदाता सूचियों में महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए गए हैं। इन सभी राज्यों ने अंतिम मतदाता सूचियों की अधिसूचना भी जारी कर दी है। चुनाव आयोग की ओर से शनिवार को जारी की गई आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, संशोधन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र मतदाताओं के नाम सूचियों से हटा दिए गए हैं।
सर्वाधिक
गुजरात में हटाए गए सर्वाधिक नाम
आयोग के अनुसार, SIR के तहत गुजरात में सबसे अधिक 68.12 लाख मतदाता सूची से नाम हटाए गए हैं। SIR से पहले राज्य में कुल 5.08 करोड से अधिक मतदाता थे, जो SIR के बाद घटकर 4.40 करोड़ रह गए है। इस तरह से वहां मतदातओं की संख्या में 13.40 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसी तरह मध्य प्रदेश में 34.25 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 5.74 करोड़ से घटकर 5.39 करोड़ रह गई है।
अन्य
अन्य राज्यों में क्या रही स्थिति?
आयोग के अनुसार, राजस्थान में मतदाताओं की संख्या 5.45 करोड़ से घटकर 5.15 करोड़ रह गई। वहां 31.36 लाख नाम हटाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में 24.99 लाख नाम हटाने के बात मतदाताओं की संख्या 2.12 करोड़ से घटकर 1.87 करोड़ हो गई। केरल में 8.97 लाख नाम हटाए जाने के बाद मतदाताओं की संख्या 2.78 करोड़ से घटकर 2.69 करोड और गोवा में यह संख्या 1.27 लाख की कटौती के साथ 11.85 लाख से कम होकर 10.57 लाख रह गई।
स्थिति
केंद्र शासित प्रदेशों में क्या रही स्थिति?
आयोग के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेशों अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 52,364 नामों की कटौती के साथ मतदाताओं की संख्या 3.10 लाख से घटकर 2.58 लाख, पुदुचेरी में 77,367 नामों की कटौती के बाद मतदाताओं की संख्या 10.21 लाख के कम होकर 9.44 लाख और लक्षद्वीप में 206 की कटौती के साथ 57,813 से घटकर 57,607 रह गई। इसी तरह पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के आंकड़े इस महीने के अंत में जारी किए जाएंगे।
बयान
अधिकारियों ने क्या दिया बयान?
अधिकारियों ने बताया कि कुल बदलाव में अपात्र पाए गए मतदाताओं की संख्या में से नए शामिल किए गए पात्र मतदाताओं की संख्या को घटाया गया है। नाम हटाने के कारणों में मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, एक से अधिक पंजीकरण या पात्रता संबंधी अन्य समस्याएं शामिल हैं। मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है और पात्र नागरिक अभी भी नाम जोड़ने, हटाने या प्रविष्टियों में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।