
प्रियंका गांधी के बाद पति रॉबर्ट वाड्रा ने दिया राजनीति में आने का संकेत
क्या है खबर?
पिछले महीने प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री ने सभी को चौंका दिया था।
उन्हें पार्टी महासचिव बनाकर पूर्वी उत्तर प्रदेश का कठिन प्रभार दिया गया है, जहां से उनकी सीधी टक्कर में प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ होंगे।
प्रियंका के बाद अब उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में लोगों की सेवा में एक बड़ी भूमिका निभाने की बात कही है, जिसे उनके राजनीति में आने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बयान
'सरकारों ने की मुझे बदनाम करने की कोशिश'
वाड्रा ने 24 फरवरी को अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, "देश के वास्तविक मुद्दों पर से ध्यान हटाने के लिए एक दशक से अधिक विभिन्न सरकारों ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। लेकिन लोगों ने धीरे-धीरे महसूस किया कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।"
उन पर भरोसा जताने और शुभकामनाएं देने के लिए उन्होंने लोगों को धन्यवाद कहा है।
उन्होंने इस दौरान देशभर में गरीबों और बच्चों की मदद करने के अपने अनुभव को साझा किया।
रॉबर्ट वाड्रा
लोगों के जीवन में परिवर्तन लाना चाहते हैं वाड्रा
वाड्रा ने कहा कि उन्होंने हर नियम और कानून का पालन किया, इसके बावजूद ED ने उनसे 8 बार पूछताछ की।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न इलाकों खासकर यूपी में जो वर्ष उन्होंने काम करते हुए गुजारे, उससे उन्हें लोगों के लिए और ज्यादा काम करने और उनके जीवन में छोटा सा परिवर्तन लाने का अहसास हुआ।
उन्होंने आगे कहा, "इतने साल का अनुभव और सीख बर्बाद नहीं किया जा सकता और इसका बेहतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।"
राजनीति
पहले भी राजनीति में आने की इच्छा जता चुके हैं वाड्रा
अपनी पोस्ट के अंत में वाड्रा ने कहा कि एक बार उनके ऊपर लगे सारे आरोप हट जाएं, तो वह लोगों की सेवा में बड़ा योगदान देना चाहेंगे।
उनकी इस पोस्ट को उनके राजनीति में आने के संकेत को तौर पर देखा जा रहा है।
बता दें कि 2012 में यूपी विधानसभा चुनावों में प्रचार करते वक्त वाड्रा ने यह कह कर हलचल पैदा कर दी थी कि अगर देश के लोग चाहेंगे तो वह राजनीति में जरूर आएंगे।
गांधी परिवार
वाड्रा के राजनीति में आने का खतरा नहीं लेना चाहेगा गांधी परिवार
वैसे यह मुश्किल ही लगता है कि गांधी परिवार निकट भविष्य में वाड्रा को राजनीति में उतारने पर कोई फैसला लेगा, खासकर लोकसभा चुनाव से पहले।
वाड्रा के राजनीति में आने पर न केवल उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप पार्टी की फजीहत बन सकते हैं, बल्कि पार्टी पर लगने वाले परिवारवाद के आरोप और गंभीर हो सकते हैं।
अगर लोकसभा चुनाव का परिणाम अच्छा रहा तो जरूर राजनीति में आने की वाड्रा की संभावनाओं को हवा मिल सकती है।