
राज्यसभा में विनेश फोगाट मामले को लेकर हंगामा, सभापति जगदीप धनखड़ सदन से बाहर गए
क्या है खबर?
पेरिस ओलंपिक 2024 में पहलवान विनेश फोगाट के अयोग्य घोषित होने के मामले पर गुरुवार को राज्यसभा में खूब हंगामा हुआ। इस दौरान विपक्ष के हंगामे से आहत सभापति जगदीप धनखड़ को सदन छोड़कर जाना पड़ा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि शब्दों और अखबार के माध्यम से इस सभापति के पद को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा कि रोज उनका अपमान किया जा रहा है, इसलिए दुखी मन से वह कुछ समय के लिए सदन छोड़ रहे हैं।
विवाद
क्या है पूरा मामला?
फोगाट मामले को लेकर राज्यसभा में विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा था, इससे नाराज होकर सभापति धनखड़ ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने का मौका दिया।
खड़गे ने कहा कि वह इस विषय पर चर्चा चाहते हैं कि आखिर खिलाड़ी का 100 ग्राम वजन अधिक कैसे हुआ औऱ इसके पीछे कौन हैं।
इस पर धनखड़ ने कहा कि यह कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा और सदन उनको इसका तरह का मंच बनाने की अनुमति नहीं देगा।
ट्विटर पोस्ट
सुनिए, क्या बोले जगदीप धनखड़
@VPIndia & @RajyaSabha Chairman #JagdeepDhankhar stages a walkout from the Parliament's upper house, as a mark of protest against Opposition lawmakers' behaviour.
— The Delhi Crown || Follow Us for Latest Delhi News (@DelhiCrown) August 8, 2024
Opposition benches wanted to raise the issue of disqualified Olympian @Phogat_Vinesh.#VineshPhogat @sportwalkmedia pic.twitter.com/CIXzmKRk4x
हंगामा
डेरेक ओ ब्रायन पर चिल्लाए सभापति
इसके बाद सभापति ने कार्तिकेय शर्मा को बोलने का मौका दिया, तभी तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन शोर मचाने लगे। इस पर सभापति ने उनको फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि वह सदन के आसन पर चिल्ला रहे हैं, उनको बाहर का दरवाजा दिखाया जा सकता है, उनका आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके बाद सभापति धनखड़ ने अपनी पीड़ा बताई और सदन को छोड़ने की बातकर बाहर चले गए।
बयान
क्या बोले सभापति?
उन्होंने कहा, "पवित्र सदन को अराजकता का केंद्र बनाना, भारतीय प्रजातंत्र के ऊपर कुठाराघात करना, अध्यक्ष की गरिमा को धूमिल करना, शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण वातावरण बनाना- यह अमर्यादित आचरण नहीं, बल्कि हर सीमा को लांघित करने वाला आचरण है।"
उन्होंने कहा, "जो मैं हाल के दिनों में देख रहा हूं और जो चुनौती पत्र और अखबार के द्वारा गलत टिप्पणी की है। यह चुनौती मुझे नहीं, सभापति को पद को दी जा रही है।"
निराश
पद पर बैठा व्यक्ति इस लायक नहीं- सभापति
सभापति धनखड़ ने आगे कहा, "यह चुनौती इसलिए दी जा रही है क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि जो व्यक्ति इस पद पर बैठा है, वह इसके लायक नहीं। मुझे सदन का समर्थन जितना चाहिए उतना नहीं मिला है। मैंने प्रयास में कोई कमी नहीं की है। अब मेरे पास एक ही विकल्प है। मैं अपनी शपथ से दूर नहीं भाग रहा हूं, लेकिन जो व्यवहार हुआ, उससे यहां बैठने के लिए खुद को सक्षम नहीं पा रहा।"